Monday, Oct 22, 2018

जल त्यागने पर स्वामी सानंद को कुर्सी सहित उठा ले गई पुलिस, देखें Video

  • Updated on 10/10/2018

हरिद्वार/ब्यरो। जल त्याग चुके तपस्या के 111 वें दिन स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को आश्रम क्षेत्र में धारा 144 लगाकर प्रशासन और पुलिस जबरन कुर्सी सहित उठा ले गई। सानंद ने इस दौरान एसडीएम और पुलिस वालों का विरोध जताया लेकिन पुलिस वालों ने उन्हें एंबुलेंस में रखकर एम्स ऋषिकेश के लिये रवाना कर दिया। 

गंगा विधेयक और गंगा व सहायक नदियों पर प्रस्तावित जल विद्युत परियोजना सहित निरस्त करने सहित चार प्रमुख मांगों को लेकर मातृ सदन में नींबू-पानी लेकर 110 दिन से तपस्या कर रहे स्वामी सानंद ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से वार्ता विफल होने के बाद जल भी त्याग दिया। दोपहर को अचानक नगर मजिस्ट्रेट मनीष कुमार सिंह, सीओ कनखल स्वप्न कुमार, एसओ ओमकांत भूषण भारी फोर्स लेकर पहुंचे। 

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चिकित्सकों की टीम भी एबुलेंस लेकर मातृ सदन आश्रम पहुंची। स्वामी सानंद को धारा 144 लगाये जाने का पत्र दिया। उसमें उसका कारण का भी उल्लेख किया। जिस पर उन्होंने अस्पताल जाने से इंकार करने की बात लिखी। जब स्वामी सानंद ने अस्पताल जाने से इंकार किया तो एसडीएम ने पुलिस वालों उन्हें ले जाने के निर्देश दिये। 

कुर्सी पर बैठे स्वामी सानंद को कुर्सी सहित उठाने के दौरान उन्होंने एसडीएम मनीष कुमार सिंह सहित पुलिस वालों का उन्हें ले जाने का विरोध किया। पुलिस वाले उन्हें कुर्सी सहित एबुलेंस में पहुंचाकर एम्स ऋषिकेश उपचार के लिये ले गये।

सानंद बोले, बोतल तोड़ दूंगा
स्वामी सानंद ने साफ किया कि वे अस्पताल नहीं जाना चाहते। यदि उन्हें डिप लगाई गई और जबरन ग्लूकोज चढ़ाने की कोशिश की गई तो वह उसे तोड़ देंगे। कहा कि बेहोश करके हाथ-पकड़कर कुछ करे तो मैं कुछ नहीं कर सकता। बोले, सुप्रीम कोर्ट फैसले के तहत जिंदगी किसी को अपने तरीके से जीने का अधिकार है। वे अनशन नहीं तोड़ेंगे।

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एसडीएम-सीओ पर करेंगे कंटेम्प्ट
स्वामी शिवानंद ने कहा कि निजी जमीन पर अनशन तप पर है धारा 144 लगाना कहां तक उचित है। हर बार प्रशासन यही करता है। उन्होंने कहा कि एसडीएम और सीओ सहित अन्य पर कंटेम्प्ट करेंगे। कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से समाधान को लेकर वार्ता चल रही है। 

वे स्वामी जी का डाफ्ट लेकर भी गये हैं तो फिर उन्हें जबरन अस्पताल ले जाने का क्या मतलब है। ऋषिकेश एम्स ले जाकर पहले भी मारने की कोशिश स्वामी सानंद को की गई थी, दोबारा षड़यंत्र रचा गया है। खनन की मांग भी शामिल है। इसलिए हरिद्वार जिलाधिकारी, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी माफिया के दबाव में आकर ये कृत्य कर रहे हैं।

जीवन बचाने को उठाया गया कदम
नगर मजिस्टेट और एसडीएम मनीष कुमार सिंह का कहना है कि पिछले 111 दिन से स्वामी जी अनशनरत हैं। उनके जीवन की रक्षा के लिये एम्स ऋषिकेश ले जाया जा रहा है। ताकि उनकी तुरंत देखभाल हो सके। उनके स्वास्थ्य को स्टेबल किया जा सके।

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