Thursday, Jan 27, 2022
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political war erupts in punjab over amarendra singh''''s friend arusa alam

अमरेंद्र सिंह की पाकिस्तानी महिला मित्र पर पंजाब में छिड़ी राजनीतिक जंग

  • Updated on 10/23/2021

नई दिल्ली/अश्वनी। पंजाब में सियासी लड़ाई अब निजी हमलों पर पहुंच गई है। उपमुख्यमंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री कै. अमरेंद्र सिंह की पाकिस्तानी महिला मित्र अरुसा आलम पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब पुलिस अरुसा आलम के पाकिस्तान की खुफिया एजैंसी आई.एस.आई. के साथ संबंधों की जांच करेगी। इस पर कैप्टन ने पलटवार करते हुए कहा कि इस जांच का कोई आधार नहीं है क्योंकि अरुसा आलम 16 साल से भारत सरकार की मंजूरी के साथ आ रही थी।

यह पहला मौका है जब पंजाब सरकार के स्तर पर अरुसा आलम की जांच- पड़ताल का मामला सुर्खियों में आया है। बेशक विपक्षी दल पूर्व मुख्यमंत्री कै. अमरेंद्र सिंह पर अरुसा आलम को लेकर गाहे-बगाहे हमले करते रहे हैं लेकिन न तो भारत सरकार और न ही पंजाब सरकार के स्तर पर कभी जांच-पड़ताल का बयान जारी हुआ है।

अरुसा की PAK सैन्य अफसरों व  ISI के साथ वीडियो और तस्वीरें सवालों के घेरे में

उपमुख्यमंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा का कै. अमरेंद्र सिंह पर अब तक का यह सबसे तीखा हमला है। एक बातचीत के दौरान रंधावा ने कहा कि कै. अमरेंद्र सिंह लगातार कह रहे हैं कि पंजाब पाकिस्तान की खुफिया एजैंसी आई.एस.आई. से खतरे का सामना कर रहा है तो ऐसे समय में अरुसा आलम के आई.एस.आई. से संबंधों की जांच जरूरी हो जाती है।

रंधावा ने कहा कि अरुसा आलम की पाकिस्तान के सैन्य अफसरों व आई.एस.आई. के लोगों के साथ वीडियो और तस्वीरें सवालों के घेरे में हैं। इसीलिए उन्होंने पंजाब पुलिस प्रमुख इकबाल प्रीत सहोता को इन आरोपों की जांच करने को कहा है। अरुसा आलम की कैप्टन के साथ नजदीकियां 2004 की कांग्रेस सरकार के समय बढ़ी थीं। 2017 में जब कैप्टन के नेतृत्व वाली सरकार ने शपथ ली, तब भी अरुसा आलम शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहीं। गत साढ़े 4 वर्ष के दौरान अरुसा आलम का ज्यादातर समय कैप्टन के सिसवां फार्म हाऊस पर बीता है। हालांकि इस दौरान वह पाकिस्तान भी जाती रहीं।

शुक्रवार को सुखजिंद्र रंधावा के नाम से सोशल मीडिया पर भी अरुसा की जांच के आदेश का मामला तेजी से वायरल हुआ। कहा गया कि खुद सुखजिंद्र रंधावा ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया लेकिन बाद में इसे डिलीट कर दिया। उधर, रंधावा ने बॉर्डर पर बी.एस.एफ. के दायरे को बढ़ाए जाने पर भी शंका जाहिर की।

उन्होंने कहा कि बी.एस.एफ. का दायरा बढ़ाया जाना एक साजिश जैसा लगता है क्योंकि कै. अमरेंद्र सिंह गत साढ़े 4 साल से लगातार पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन का मुद्दा उठाते रहे हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने पंजाब में बी.एस.एफ. का दायरा बढ़ा दिया। ऐसे में यह भी जांच का विषय है। रंधावा ने मौड़ मंडी ब्लास्ट की जांच का भी मुद्दा उठाया है।

अमरेंद्र सिंह ने किया पलटवार

कै. अमरेंद्र सिंह ने भी सुखजिंद्र सिंह रंधावा को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि सुखजिंद्र सिंह रंधावा अब व्यक्तिगत हमलों का सहारा ले रहे हैं। सत्ता संभालने के एक माह बाद यही दिखाने को मिला है। बरगाड़ी और ड्रग्स के मामले में बड़े-बड़े वायदों का क्या हुआ? पंजाब अभी भी आपके वायदे के मुताबिक कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।

कैप्टन ने रंधावा को संबोधित करते हुए कहा कि आप मेरी कैबिनेट के मंत्री रहे। तब अरुसा आलम के बारे में आपने कभी कोई शिकायत नहीं की और अरुसा आलम 16 साल से मंजूरी लेकर भारत आ रही हैं। क्या आप आरोप लगा रहे हैं कि इस दौरान की NDA व UPA सरकार की पाकिस्तान की खुफिया एजैंसी आई.एस.आई. के साथ मिलीभगत थी?

कैप्टन ने कहा कि मेरी चिंता इस बात को लेकर है कि जब त्यौहारों के दिनों में आतंकी खतरा चारों तरफ मंडरा रहा है तो रंधावा लोगों की सुरक्षा को दाव पर लगाकर कानून- व्यवस्था बनाए रखने की जगह पंजाब पुलिस के डी.जी.पी. को आधारहीन जांच में लगा रहे हैं।

कैप्टन ने सोनिया गांधी के साथ अरुसा आलम की फोटो की शेयर

पूरा दिन अरुसा आलम को लेकर कै. अमरेंद्र सिंह पर हमलावर उपमुख्यमंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा को कै. अमरेंद्र सिंह ने देर रात सबसे करारा जवाब दिया। कैप्टन ने अरुसा आलम की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ हाथ मिलाते अरुसा आलम की एक तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर पर कैप्टन ने कोई टिप्पणी नहीं की।

महज मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, उपमुख्यमंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा और कांग्रेस के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल को टैग करते हुए लिखा कि वैसे ही। इस फोटो से करीब 13 मिनट पहले कैप्टन ने सुखजिंद्र सिंह रंधावा की तरफ से देर शाम किए गए लगातार ट्वीट का विस्तारपूर्वक जवाब दिया। रंधावा द्वारा अरुसा आलम के आई.एस.आई. लिंक की जांच पर कैप्टन के परेशान होने को लेकर कसे गए तंज का जवाब देते हुए कै. अमरेंद्र सिंह ने लिखा कि परेशान? इतने वर्षों में क्या सुखजिंद्र रंधावा तुमने कभी मुझे किसी मुद्दे पर परेशान होते देखा है? वास्तव में, आपकी हरकतों से जाहिर हो रहा है कि आप ज्यादा परेशान और भ्रमित हो। आप अरुसा आलम के खिलाफ इस तथाकथित जांच पर अपना मन क्यों नहीं बनाते?

कैप्टन ने लिखा कि जहां तक अरुसा का वीजा स्पांसर करने का सवाल है, बेशक मैंने किया, वह भी 16 साल तक और आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि ऐसे वीजा को अनुमति के लिए भारतीय उच्चायोग द्वारा पूरा मामला भारतीय विदेश मंत्रालय को भेजा जाता है। इसके बाद रॉ और आई.बी. की सहमति से वीजा को मंजूरी दी जाती है। इस मामले में हर बार यही हुआ है। इससे ज्यादा और क्या सुखजिंद्र सिंह रंधावा?

कैप्टन ने लिखा कि 2007 में अरुसा आलम को वीजा देने के मामले में तत्कालीन यू.पी.ए. प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के जरिए एक विस्तृत जांच करवाई थी, तब मैं मुख्यमंत्री भी नहीं था।

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