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प्रदूषण जांच केंद्रो में अब नहीं लगेगी लंबी लाइन, सरकार ने बढ़ाई संख्या

  • Updated on 9/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली में प्रदूषण जांच के लिए प्रदूषण जांच केंद्रों पर उमडने वाली भीड़ खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को विभिन्न प्रदूषण जांच केंद्रों पर 58,520 वाहनों की पीयूसी सर्टिफिकेट के लिए जांच की गई है। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के लिए बढ़ रही भीड़ को देखते हुए डीटीसी के सभी डिपो और टर्मिनल के प्रदूषण जांच केंद्रों को जनता के लिए खोल दिया गया है। इन केंद्रों में भी निजी वाहन तय फीस देकर अपना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे।

इन केंद्रों पर सुबह 11 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक यहां प्रदूषण सर्टिफिकेट लोग बनवा सकते हैं। वर्तमान में दिल्ली में 941 प्रदूषण जांच केंद्र कार्य कर रहे हैं। इन सभी जांच केंद्रों का समय बढ़ाकर सुबह 7 बजे से लेकर रात को 10 बजे तक कर दिया गया है।

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बढ़े हुए जुर्माना लागू होने के बाद से दिल्ली में दिक्कतें पैदा हो गई
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने यहां प्रेसवार्ता में बताया कि 1 सितम्बर से यातायात नियमों के तहत बढ़े हुए जुर्माने लागू होने के बाद से दिल्ली में जो दिक्कतें पैदा हो गई हैं,उससे निपटने के लिए बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग 1 करोड़ 10 लाख वाहन हैं। इनमें से अगर पेट्रोल वाले 15 साल से अधिक पुराने और डीजल वाले 10 साल से अधिक पुराने वाहनों को निकाल दिया जाए तो लगभग 70 लाख वाहन बाकी बचते हैं। गहलोत ने कहा कि 1 सितम्बर 2019 से पहले लगभग 15000 वाहन प्रतिदिन के हिसाब से यातायात प्रदूषण सर्टिफिकेट के नवीनीकरण कराते थे,जबकि 1 सितम्बर के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 45000 से अधिक हो गया है और प्रतिदिन यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।

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बढ़ाई गई सर्वर की क्षमता 
सर्वर की क्षमता को बढ़ाया गया है। अभी तक प्रदूषण सर्टिफिकेट बनाने की क्षमता 3260 प्रदूषण सर्टिफिकेट प्रति घंटे का है। अब सर्वर की क्षमता बढ़ाने के बाद यह लगभग 6000 प्रदूषण सर्टिफिकेट प्रति घंटा तक हुआ है। 

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खोले जाएंगे नए प्रदूषण जांच केंद्र
डीटीसी के लगभग सभी डीपो और टर्मिनल के प्रदूषण जांच केंद्र को जनता के लिए खोलने के साथ ही परिवहन आयुक्त और डिविजनल कमिश्नर को आदेश दिए गए हैं कि जिन केंद्रों पर अधिक भीड़ है, वहां पर 4 से 5 सिविल डिफेंस के कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाए। ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था को बिगडऩे से रोका जा सके। 

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कुछ प्रदूषण जांच केंद्र तय राशि से अधिक पैसे ले रहे हैं
परिवहन मंत्री ने बताया कि कई जगहों से हमें शिकायत मिली है कि कुछ प्रदूषण जांच केंद्र तय राशि से अधिक पैसे ले रहे हैं। सरकार ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए 2 प्रदूषण जांच केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। अब इन 2 प्रदूषण जांच केंद्रों को बंद करने की कार्रवाई चल रही है। गहलोत ने कहा कि भविष्य में भी अगर इस प्रकार की शिकायतें मिलती हैं तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। और यदि अन्य किसी प्रदूषण जांच केंद्र को भी बंद करना पड़ा तो सरकार संकोच नहीं करेगी। 

   

    


 
 

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