Thursday, May 06, 2021
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Delhi: प्रदूषण से राहत, शाम 6 बजे तक हो सकेंगे निर्माण कार्य

  • Updated on 12/10/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय (Supreme court) ने दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में निर्माण कार्यों पर लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध सोमवार को आंशिक रूप से हटाते हुए सवेरे छह बजे से शाम छह बजे तक निर्माण कार्यों की अनुमति दे दी। इससे पहले, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने बताया कि इस समय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) चिंताजन नहीं है।

शीर्ष अदालत ने वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए चार नवम्बर को दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यों और अनधिकृत निर्माणों को गिराने की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। न्यायालय ने सोमवार को केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हलफनामे का अवलोकन किया, जिसमें कहा गया था कि शाम छह बजे से सवेरे छह बजे के दौरान किसी प्रकार के निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा था कि निर्माण गतिविधियों पर लगाया गया प्रतिबंध आंशिक रूप से हटाया जा सकता है और निर्धारित मानकों के आधार पर दिन के समय इन कार्यों की अनुमति दी जा सकती है।

इन मानकों में निर्माण गतिविधियों के दौरान धूल नियंत्रण के नियमों का कड़ाई से पालन और मध्य से खराब वायु गुणवत्ता की श्रेणी वाले दिनों के दौरान इस पर अमल नहीं करने वाले स्थानों को बंद करना शामिल है। न्यायमूॢत अरूण मिश्रा और न्यायमूॢत दीपक गुप्ता की पीठ ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हलफनामे का अवलोकन किया। इसमें कहा गया था कि स्थिति चिंताजनक नहीं है और इसलिए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की राय है कि निर्माण गतिविधियों पर लगाया गया प्रतिबंध आंशिक रूप से हटाया जा सकता है लेकिन रात के दौरान (शाम छह बजे से सवेरे छह बजे तक) किसी निर्माण की अनुमति दी जानी चाहिए।

अतिरिक्त सालिसीटर जनरल एएनएस नाडकर्णी ने पीठ को सूचित किया कि उसके 25 नवम्बर के आदेश के मद्देनजर केन्द्र ने वायु प्रदूषण पर अंकुश के लिये स्मॉग टॉवर जैसी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की संभावना तलाशने के लिये एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। इसमें आईआईटी के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। नाडकर्णी ने कहा कि समिति की एक बैठक हो चुकी है और अगली बैठक 11 दिसम्बर को होगी। पीठ ने प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के बारे में सवाल पूछा और जानना चाहा कि इस पर कब अमल होगा।

नाडकर्णी ने कहा कि बैठक के बाद समिति पर्यावरण एवं वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पीठ ने कहा कि हमें स्माग टावर के बारे में रिपोर्ट कब तक मिल जानी चाहिए? शुक्रवार तक? नाडकर्णी ने कहा कि वह 13 दिसम्बर तक इसे पेश कर देंगे। पीठ ने कहा कि दिल्ली, उप्र, हरियाणा और पंजाब के पर्यावरण सचिवों को भी इस उच्च स्तरीय समिति के साथ संबंद्ध किया जाना चाहिए ताकि वे एक साथ बैठ कर इस मुद्दे का व्यावहारिक समाधान निकाल सकें। पराली जलाने के मुद्दे पर पीठ ने उप्र, पंजाब और हरियाणा सरकार को 11 दिसम्बर तक ताजा स्थिति से अवगत कराने संबंधी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

न्यायालय प्रदूषण के मामलों पर अब 16 दिसंबर को आगे सुनवाई करेगा। इन मामलों में न्याय मित्र की भूमिका निभा रहीं वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों पर भीड़ कम करने के बारे में कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने कहा था कि वह स्टेशनों पर भीड़ कम करेगा लेकिन उसने अभी तक कोई योजना पेश नही की है। पीठ ने दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन को मेट्रो स्टेशनों पर भीड़ कम करने के लिये अपनी योजना पेश करने का निर्देश दिया ।     

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