Thursday, May 19, 2022
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प्रदूषण : स्कूलों ने बच्चों की आउटडोर एक्टिविटी की बंद

  • Updated on 11/9/2021

नई दिल्ली/पुष्पेंद्र मिश्र। दिवाली बाद राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या ने एक बार फिर सिर उठा लिया है। 0 से 50 के बीच रहने वाले वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अब 400 पार तक जा पहुंचा है। एक्यूआई 10 राजधानी दिल्ली में सोमवार को 473 रिकॉर्ड किया गया। वहीं पीएम 2.5 अब 247 तक जा पहुंचा है। जबकि 201 से लेकर 300 तक इसे खराब और  301 से 400 के बीच बेहद खराब माना जाता है। दिल्ली में बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं।

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बच्चों को प्रदूषण समस्या से किया जा रहा जागरूक 
उनके बचाव पर स्कूल क्या उपाय कर रहे हैं इसके बारे में रोहिणी स्थित माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योती अरोड़ा ने कहा कि हमने पूर्व में ही स्थिति को भांपते हुए स्कूल को 11 नवम्बर से खोलने का फैसला किया है। 11 और 12 नवम्बर को जब बच्चे 19 महीने बाद स्कूल वापस लौटेंगे तो उन्हें दो दिन तक जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण समस्या के ऊपर बच्चों से बात की जाएगी। उन्हें जागरूक किया जाएगा। स्कूल खोलने के बाद हम आउटडोर एक्टिविटी आयोजित नहीं करेंगे।

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अभिभावक भी दें बच्चों पर ध्यान 
बच्चे क्लासरूम्स में ही पढ़ाई करेंगे। शालीमार बाग स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल अल्का कपूर ने कहा कि हम सोशल मीडिया पर लगातार बच्चों को प्रदूषण के प्रति जागरूक कर रहे हैं। स्कूल में आउटोडर एक्टिविटी प्रदूषण को देखते हुए बंद कर दी गई हैं। अभिभावकों को भी बच्चों को प्रदूषण से बचाने की जिम्मेदारी लेनी होगी। इस प्रदूषण में अगर पटाखों का भी योगदान है तो अभिभावकों को बच्चों की पटाखों की फर्माइस को पूरा नहीं करना था।

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प्रदूषण से बच्चे अस्थमा, लंग कैंसर, श्वसन संक्रमण का होते हैं शिकार 
सरकारी स्कूल शिक्षक संतराम ने कहा कि राजधानी में कई कारणों से प्रदूषण 300-400 एक्यूआई के पार पहुंच गया है। सरकार अगर कोई गाइडलाइंस जारी करे तो जरूर हम इस पर काम करेंगे। प्रदूषण और त्यौहारी सीजन को देखते हुए एक नवम्बर से अब तक स्कूल आने वाले छात्रों की संख्या में 50 फीसद की कमी आयी है। बता दें प्रदूषण से बच्चों में अस्थमा, लंग कैं सर, तीव्र श्वसन संक्रमण, क्रॉॅनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) जैसी बीमारियां होने का खतरा रहता है।

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