Monday, May 23, 2022
-->
poor victims bjp modi govt economic epidemic remove inequality budget 2022: congress rkdsnt

मोदी सरकार की ‘आर्थिक महामारी’ के शिकार बने गरीब, बजट से दूर करें असमानता : कांग्रेस

  • Updated on 1/24/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कांग्रेस ने आर्थिक असमानता बढऩे का दावा करने वाले एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार की ‘आर्थिक महामारी’ के शिकार देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लोग बने हैं। मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि इस बार का आम बजट गरीबी और अमीरी के बीच खाई को पाटने पर केंद्रित हो तथा सरकार ‘ग्रॉस इकनॉमिक मिसमैनेजमेंट इंडेक्स’ (सकल आर्थिक कुप्रबंधन सूचकांक) की शुरुआत करे, ताकि आर्थिक असामनता की सच्चाई सामने आ सके। 

उद्धव ठाकरे बोले- BJP का अवसरवादी हिंदुत्व बस सत्ता के लिए है, NDA सिकुड़ा

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘कोविड महामारी पूरे देश ने झेली, लेकिन गऱीब वर्ग व मध्यम वर्ग मोदी सरकार की ‘आर्थिक महामारी’ के भी शिकार हैं। अमीर-गऱीब के बीच बढ़ती ये खाई खोदने का श्रेय केंद्र सरकार को जाता है।’’ ‘पीपल्स रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकॉनमी’ के सर्वेक्षण में कहा गया है कि गत पांच वर्षों में सबसे गरीब 20 प्रतिशत भारतीय परिवारों की सालाना घरेलू आय करीब 53 प्रतिशत कम हो गई। इसी तरह, निम्न मध्यम वर्ग के 20 प्रतिशत लोगों की घरेलू आय भी 32 प्रतिशत घट गई। 

मोबाइल फोन निर्माण से जुड़े मामलों में दखल नहीं देगा दूरसंचार विभाग : अश्विनी वैष्णव

 

राहुल गांधी बोले- देश में 4 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेला गया

इस सर्वेक्षण के अनुसार, गत पांच वर्षों के दौरान देश के सबसे अमीर 20 प्रतिशत लोगों की आय 39 प्रतिशत बढ़ गई। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस सर्वेक्षण को लेकर ट्वीट किया, ‘‘मोदी सरकार सिफऱ् अमीरों के लिए है! यह अब सामने है - गरीब और गरीब - ‘हम दो हमारे दो’ की चांदी। पिछले 5 साल में - सबसे गरीब लोगों की आय 53 प्रतिशत कम, निम्न मध्यम वर्ग की आय 32 प्रतिशत कम, अमीरों की आय 39 प्रतिशत बढ़ी। गरीब-मध्यम वर्ग पर मार, मोदी सरकार है अमीरों की सरकार!’’ पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पहले ऑक्सफैड इंडिया की रिपोर्ट आई। अब ‘पीपल्स रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकॉनमी’ की ओर से किया गया सर्वेक्षण सामने आया है, जिससे साबित होता है कि मोदी सरकार में अमीरी और गरीबी के बीच खाई बढ़ती जा रही है।’’ 

अखिलेश बोले- 26 जनवरी को संकल्प उठाएंगे, अमर जवान ज्योति फिर से जलाएंगे!

उन्होंने कहा कि इस सर्वेक्षण साबित होता है देश की 60 प्रतिशत आबादी पांच साल पहले की अपनी कमाई के मुकाबले अब कम कमा रही है। सुप्रिया ने कहा, ‘‘एक के एक बाद जो सर्वेक्षण आ रहे हैं, उससे साबित होता कि अर्थव्यवस्था में कुछ गंभीर समस्याएं हैं और इसके लिए यह सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार से आग्रह किया, ‘‘इस बार के बजट का सिर्फ एक केंद्र बिंदु होना चाहिए कि अमीरों और गरीबों के बीच खाई कैसे पाटी जाए और लोगों के हाथ में पैसे दिए जाएं। अगर यह नहीं होता है तो बजट सिर्फ जबानी जमाखर्च होगा।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘सरकार को एक नये सूचकांक ‘ग्रॉस इकनॉमिक मिसमैनेजमेंट इंडेक्स’ की शुरुआत करनी चाहिए, ताकि पता किया जा सके कि इस सरकार ने कैसे निवेश, उपभोग और निर्यात प्रभावित किया है।’’ 

सेना के बैंड ने बजाई 'मोनिका ओ माई डार्लिंग' की धुन, मोइत्रा नाराज, अनुपम खेर ने किया बचाव

  •  


 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.