Tuesday, Dec 01, 2020

Live Updates: Unlock 6- Day 30

Last Updated: Mon Nov 30 2020 09:23 PM

corona virus

Total Cases

9,457,385

Recovered

8,878,964

Deaths

137,516

  • INDIA9,457,385
  • MAHARASTRA1,823,896
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA883,899
  • TAMIL NADU780,505
  • KERALA599,601
  • NEW DELHI566,648
  • UTTAR PRADESH543,888
  • WEST BENGAL526,780
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA318,725
  • TELANGANA268,418
  • RAJASTHAN262,805
  • BIHAR235,616
  • CHHATTISGARH234,725
  • HARYANA232,522
  • ASSAM212,483
  • GUJARAT206,714
  • MADHYA PRADESH203,231
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB151,538
  • JAMMU & KASHMIR109,383
  • JHARKHAND104,940
  • UTTARAKHAND74,340
  • GOA45,389
  • HIMACHAL PRADESH38,977
  • PUDUCHERRY36,000
  • TRIPURA32,412
  • MANIPUR23,018
  • MEGHALAYA11,269
  • NAGALAND10,674
  • LADAKH7,866
  • SIKKIM4,967
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,631
  • MIZORAM3,806
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,325
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
poverty in india poor reduction in poverty un report  pragnt

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में खुलासा, पिछले 10 सालों में भारत में गरीबी रेखा से बाहर आए 27.3 करोड़

  • Updated on 7/17/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भारत (India) में 2005-06 से लेकर 2015-16 के दौरान 27.3 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर निकले हैं। यह इस दौरान किसी भी देश में गरीबों की संख्या में सर्वाधिक कमी है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई। 

सुरक्षा के मद्देनजर Indigo की नई योजना, इस शर्त पर यात्री अपने लिए बुक करा सकेंगे दो टिकट

75 में से 65 देशों में कमी आई
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल (OPHI) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि 75 में से 65 देशों में 2000 से 2019 के बीच बहुआयामी गरीबी स्तर में काफी कमी आई है। बहुआयामी गरीबी दैनिक जीवन में गरीब लोगों द्वारा अनुभव किए जाने वाले विभिन्न अभावों को समाहित करती है - जैसे कि खराब स्वास्थ्य, शिक्षा की कमी, जीवन स्तर में अपर्याप्तता, काम की खराब गुणवत्ता, हिंसा का खतरा, और ऐसे क्षेत्रों में रहना जो पर्यावरण के लिए खतरनाक हैं।  

कांग्रेस में पायलट करेंगे वापसी? देर रात चिदंबरम को लगाया फोन, कही ये बात

भारत में आई सबसे बड़ी कमी
इन 65 देशों में से 50 ने भी गरीबी में रहने वाले लोगों की संख्या को कम किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे बड़ी कमी भारत में आई, जहां 27.3 करोड़ लोग गरीबी से ऊपर उठने में कामयाब रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि चार देशों- आर्मेनिया (2010–2015 / 2016), भारत (2005 / 2014-15 / 2016), निकारागुआ (2001–2011 / 2012) और उत्तर मैसेडोनिया (2005/2014) ने अपने वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) को आधा कर दिया। ये देश दिखाते हैं कि बहुत भिन्न गरीबी स्तर वाले देशों के लिए क्या संभव है।  

UP के कोरोना केंद्रों की स्थिति पर मायावती ने जताई चिंता, कहा- साफ-सफाई तक नहीं

27.3 करोड़ लोग बाहर आए
रिपोर्ट के अनुसार चार देशों ने अपने एमपीआई मूल्य को आधा कर दिया और बहुसंख्यक गरीब लोगों की संख्या में सबसे बड़ी (27.3 करोड़) कमी आई। रिपोर्ट में कहा गया कि चौदह देशों ने अपने सभी उप-प्रादेशिक क्षेत्रों में बहुआयामी गरीबी को कम किया: बांग्लादेश, बोलीविया, किंगडम ऑफ एसावातिनी, गैबॉन, गाम्बिया, गुयाना, भारत, लाइबेरिया, माली, मोजाम्बिक, नाइजर, निकाराबुआ, नेपाल और रवांडा। हालांकि इसमें आशंका व्यक्त की गई कि गरीबी के मोर्चे पर हुई प्रगति पर कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी का प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

comments

.
.
.
.
.