Monday, Mar 01, 2021
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prahlad patel took stock of the damage done in the red fort, report called pragnt

किसान हिंसा से लाल किले को भारी नुकसान, पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल ने लिया जायजा

  • Updated on 1/27/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल (Prahlad Patel) ने गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर लाल किले (Red Fort) का दौरा कर ऐतिहासिक इमारत में किसानों के एक समूह द्वारा जबरन यहां घुसने और झंडा लहराने से हुए नुकसान का जायजा लिया। मंत्री ने घटना की रिपोर्ट भी तलब की है।

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लालकिले में हुए नुकसान का लिया जायजा
प्रहलाद पटेल ने कहा, 'मैं इस मुद्दे पर अभी कुछ नहीं कहना चाहता हूं। मैंने रिपोर्ट मांगी है, उसे आने दीजिए।' मंत्री के दौरे के दौरान मेटल डिटेक्टर गेट एवं टिकट कांउटर में की गई तोड़फोड़ को देखा जा सकता था। इसके अलावा लालकिले परिसर में कांच के टुकड़े बिखरे हुए थे। पटेल के साथ संस्कृति मंत्रालय के सचिव एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक मौजूद थे।

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प्रहलाद पटेल ने की निंदा
केंद्रीय मंत्री ने मंगलवार को प्रदर्शनकारी किसानों की हरकत की निंदा की थी जो लाल किले में दाखिल हो गए थे। उन्होंने कहा था कि इससे भारतीय लोकतंत्र की मर्यादा के प्रतीक का अपमान हुआ है। प्रहलाद पटेल ने ट्वीट कर कहा, 'लालकिला हमारे लोकतंत्र की मर्यादा का प्रतीक है, आंदोलनकारियों को लालकिले से दूर रहना चाहिए था। इसकी मर्यादा उल्लंघन की मैं निंदा करता हूं। यह दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।'

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Ezcc जोनल सेंटर के बच्चों से की मुलाकात
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में एएसआई संरक्षित 173 स्मारक हैं। इनमें यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल लाल किला, हुमायूं का मकबरा और कुतुब मीनार भी है। आपको बता दें कि पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल मंगलवार को हिंसा के वक्त दिल्ली के बाराखंबा में फंस गए थे। यहां बाराखंबा में वो Ezcc जोनल सेंटर के बच्चों से मुलाकात करने आए थे। यह 4 जनवरी से दिल्ली में कुल 85 बच्चे थे।

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300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल
दिल्ली में मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने परेड निरस्त कर इसमें हिस्सा लेने वाले सभी लोगों से अपील की कि वे तत्काल संबंधित प्रदर्शन स्थलों पर लौट जाएं। दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस 22 प्राथमिकियां दर्ज कर चुकी है। इस दौरान 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा करने वाले लोगों से खुद को अलग कर लिया और आरोप लगाया था कि कुछ 'असमाजिक तत्व' इस प्रदर्शन में घुस आए वरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ही था।

कृषक संगठनों की केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के पक्ष में मंगलवार को हजारों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी। इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों में तोड़ फोड़ की और लाल किले पर एक धार्मिक झंडा भी लगा दिया था। 

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लाल किले के हुड़दंग में 40 पुलिसकर्मी घायल
करीब 1:30 बजे तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन आईटीओ पुलिस हेड क्वार्टर से शुरू हुए हंगामे के बाद हजारों की संख्या में लोग चांदनी चौक और सिविल लाइन के रास्ते लाल किले पर पहुंचे और एकाएक उसके दरवाजे की एंट्री पर लगी बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। इसमें से कुछ पैदल, कुछ ट्रैक्टर और यहां तक कि कुछ घोड़ों पर सवार होकर वहां पहुंचे थे। जिसके बाद हजारों की संख्या में किसान लाल किले की दीवारों पर चढ़ गए और उसे अपने कब्जे में ले लिया।

किसान ध्वज स्तंभ पर भी चढ़ गए। इसी बीच एक युवक ने लाल किले में ध्वज स्तंभ पर एक त्रिकोण आकार का झंडा फहरा दिया। पुलिस के अधिकारी और पैरामिलिट्री फोर्स मौके पर पहुंची और किसानों को हटाने की कोशिश की तभी हंगामा शुरू हो गया हो गया। मौके पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया गया। इस मौके पर पुलिस और किसानों की भिड़ंत में 40 से अधिक पुलिसकर्मी और 15 से ज्यादा किसान गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

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किसानों ने तोड़ा पुलिस का विश्वास
स्थिति की समीक्षा के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने आंतरिक सुरक्षा पर बैठक की जिसमें गृह सचिव अजय भल्ला, पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव भी मौजूद थे। किसानों का आरोप है कि पुलिस ने रैली निकालने नहीं दी। वहीं पुलिस ने कहा है कि किसानों ने उनके विश्वास को तोड़ा और तय 37 शर्तों में से एक का भी पालन नहीं किया। पूरी घटना को लेकर अब तक 15 एफ आई आर दर्ज की गई है। राजधानी दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

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