Wednesday, Jan 19, 2022
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Prashant Bhushan Yashwant Sinha also disappointed by BJP Modi govt economic package rkdnst

प्रशांत भूषण और यशवंत सिन्हा को भी हुई आर्थिक पैकेज से घोर निराशा, गिनाई खामियां

  • Updated on 5/13/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। इसको लेकर आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली प्रेस वार्ता में कई बातों का खुलासा किया। इसमें औद्योगिक क्षेत्र के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं।

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लोन और टैक्स रिफंड पर जोर दिया गया, लेकिन गरीबों और मजदूरों के लिए सीधे बड़ा लाभ सीतारमण की ओर से घोषित नहीं हुआ। इसको लेकर विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में भाजपा के पूर्व नेता व पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा और वरिष्ठ वकील व सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं जाहिर की हैं।

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यशवंत सिन्हा को तो आर्थिक पैकेज से घोर निराशा हुई है। अपने ट्वीट में वह लिखते हैं, ''पैकेज से घोर निराशा हुई है। प्रवासियों, किसानों, दिहाड़ी मजूदरों और आम गरीबों के बारे में कोई शब्द है। इस सरकार ने अपनी नाक जमीन में धंसा ली है, जिसे आने वाला तूफान नजर ना आए। राज्यों के लिए कुछ नहीं है।'

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वहीं, प्रशांत भूषण ने भी कड़ी प्रतिक्रिया में लिखा है, 'ऐसा लगता है कि जैसे सीतारमण का 20 लाख करोड़ का पैकेज टैक्स रिफंड (पहले से ही बकाया), बिजली कंपनियों को 90,000 करोड़ का लोन, उद्योग के लिए 3 लाख करोड़ का लोन, 8 लाख करोड़ पहले से ही इंडस्ट्री को लिक्विडिटी के रुप में शामिल है। गरीब कामगारों के लिए क्या मिला। श्रम सुधार के नाम पर, सभी संरक्षणों जैसे न्यूनतम मजदूरी, अधिक काम करने के घंटे को गायब कर दिया! बहुत खूब!'

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इसके साथ ही प्रशांत भूषण ने मेक इन इंडिया पर कटाक्ष करते हुए अपने ट्वीट में लिखा है, मेक इन इंडिया के विफलता के बाद नया जुमला आत्मनिर्भर भारत है। लोकल पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन, जब आप 20 लाख करोड़ के पैकेज पर गौर करेंगे तो आप पाएंगे कि आत्मनिर्भरता गरीब कामगारों और किसानों के लिए है, जिन्हें कुछ भी नहीं दिया गया है। यहां तक की उनका शोषण रोकने वाले कानूनों को भी वापस ले लिया गया है।'

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