Monday, Sep 27, 2021
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प्लेटलेट्स के नाम पर प्राइवेट ब्लड बैंक नहीं कर सकेंगे मनमानी 

  • Updated on 9/15/2021


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। एक तरफ जहां डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, मरीजों के उपचार में प्लेटलेट्स की व्यवस्था सरकारी स्तर पर नहीं है। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट ब्लड बैंक की दौड़ लगानी पड़ती है। यह प्राइवेट ब्लड़ बैंक भी मनमाना शुल्क वसूलते है। लेकिन अब सरकारी स्तर पर भी मरीजों को प्लेटलेट्स मिल सकेंगी। जिला एमएमजी अस्पताल के ब्लड बैंक में लगेगी ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन लगाई जाएगी। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि मशीन के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। 

वर्तमान में डेंगू भयावह रूप ले रहा है। जिले में अब तक 109 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि इसमें 20 मरीज अन्य जिलों के आकर अस्पताल में भर्ती है। डेंगू के बढ़ते प्रकोप से प्रतिदिन मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। डेंगू के दौरान यदि रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स की संख्या लगातार गिरने लगती है तो इसकी पूर्ति भी प्लेटलेट्स चढ़ाकर की जाती है। डेंगू बुखार बढऩे पर प्लेटलेट्स तेजी से गिरती हैं। इस स्थिति में ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। यदि रक्त में प्लेटलेट्स की मात्रा 40 हजार से कम होती है तो मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ानी पड़ती है।

प्लेटलेट्स कम होने से मरीज की मौत भी हो सकती है। लेकिन जिले में सरकारी स्तर पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सरकारी अस्पताल में भर्ती यदि किसी मरीज की हालत गंभीर होती है तो विभाग के पास उसे मेरठ या दिल्ली रेफर किया जाएगा। जबकि निजी ब्लड बैंक और बड़े निजी अस्पतालों में ही है। निजी अस्पताल और ब्लड बैंक इसके लिए मोटी रकम वसूलते हैं। जो लोग आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हैं और निजी अस्पताल नहीं जा सकते, उनके लिए सरकारी स्तर पर प्लेटलेट्स चढ़ाने की कोई व्यवस्था फिलहाल जिले में नहीं है। बता दें कि वर्ष 2016 और 17 मे डेंगू के कई मरीजों की मौत भी हो गई थी।

सरकारी स्तर पर भी होगी प्लेटलेट्स की व्यवस्था 
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि डेंगू के ऐसे 2 से 4 फीसदी गंभीर मरीजों को प्लेटलेट्स चढाऩे की जरूरत पड़ती है। सरकारी स्तर पर प्लेटलेट्स की व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जो काफी महंगी होती है। जिले में फैल रहे डेंगू को देखते हुए शासन से मशीन उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिखा गया है। इस मशीन से रक्त के चार तत्व आरबीसी, डब्लूबीसी, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा बनाए जाते हैं। 

डेंगू जांच पर सख्ती 

डेंगू की जांच को लेकर भी निजी लैब मनमाना शुल्क वसूलते है। इस पर भी स्वास्थ्य विभाग नजर रखा रहा है। वर्ष 2019 में सरकारी स्तर पर डेंगू जांच के रेट 600 रुपए निर्धारित कर दिए गए। सीएमओ ने बताया कि डेंगू जांच के लिए निर्धारित से अधिक शुल्क न लिया जाए। ऐसी लैब के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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