Sunday, Dec 05, 2021
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निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक, सीजेरियन डिलीवरी के लिए लेनी होगी इजाजत

  • Updated on 5/28/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र सरकार ने सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीजेरियन डिलीवरी यानि सी-सेक्शन के लिए योजना बनाई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के निजी अस्पतलों को सी-सेक्शन करने के लिए पहले सरकारी अस्पताल से इजाजत लेनी होगी।

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ये योजना केंद्र से राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के तहत आने वाले निजी अस्पतालों के लिए है, इन अस्पतालों को सीजेरियन डिलीवरी करने के लिए तभी इजाजत मिलेगी, जब मरीज उचित कारण के साथ सरकारी अस्पताल जाकर इजाजत लेकर आए। वहीं, इस योजना के तहत सी-सेक्शन का रेट 9000 रुपये तय किया गया। बता दें कि सीजेरियन डिलीवरी का उपयोग तब किया जाता है जब सामान्य डिलीवरी से मां या बच्चे को खतरा हो। लेकिन भारत में इसका चलन बढ़ता जा रहा है और ये निजी अस्पतालों में पैसा वसूलने की होड़ में ज्यादा देखा जा रहा है।

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इस मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंदू भूषण ने कहा कि इसका उद्देश्य सामान्य प्रसव को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रसव इस योजना के दायरे में नहीं आएगा। जिसका लक्ष्य सालाना प्रति परिवार 5 लाख रुपये का कवरेज प्रदान करना है और समाज के गरीब और कमजोर वर्गों से संबंधित 10 करोड़ से अधिक परिवारों को लाभान्वित करना है डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, सी-सेक्शन की आदर्श दर देश के लिए 10-15 फीसदी है, लेकिन भारत में, सीजेरियन डिलीवरी विशेष रूप से निजी अस्पतालों में फैली हुई है जो व्यावसायीकरण का संकेत देती है।

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