Sunday, May 22, 2022
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आयुष्मान भारत योजना में उपचार के लिए लाभार्थियों की पहली पसंद निजी अस्पताल 

  • Updated on 5/10/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क उपचार का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों की पहली पसंद निजी अस्पताल बने हुए है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों  पर गौर करें तो योजना के तहत जनपद में अब तक 10082 लाभार्थी निशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से 9215 लाभार्थियों ने निजी चिकित्सालयों में उपचार प्राप्त किया है, जबकि 867 लाभार्थियों का राजकीय चिकित्सालयों में योजना के तहत उपचार किया गया। 

आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थी परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रूपए तक का निशुल्क उपचार योजना ले सकते है। लाभार्थी निजी अस्पतालों में भी उपचार करा सकते है। इसके लिए जिले में 30 अस्पतालो आयुष्मान भारत योजना से जोड़े जा चुके है। इसमें कोई भी लाभार्थी इलाज करा सकता है। निशुल्क उपचार का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों की पहली पसंद निजी अस्पताल है।

लाभार्थियों की मानें तो सरकारी अस्पतालों में उपचार की पूर्ण व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा डॉक्टर व अन्य स्टाफ भी मरीज के उपचार को लेकर गंभीर नहीं है। योजना के तहत 2018 से अब तक जनपद में 10082 लाभार्थी निशुल्क उपचार प्राप्त कर चुके हैं। जनपद में अब तक 1920 लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत निशुल्क उपचार प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जनपद में 15594 लाभार्थी परिवारों का लक्ष्य है।

इनमें से 9678 परिवारों को योजना से आच्छादित किया जा चुका है और इन परिवारों के 46569 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी का कहना है कि लाभार्थी आयुष्मान योजना का लाभ उठाते हुए निशुल्क उपचार करा रहे है। वहीं, अस्पतालों का उपचार करने का 96.58 प्रतिशत क्लेम का भुगतान भी हो चुका है। सरकारी अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था है। इसके अलावा लगातार आधुनिक मशीनों की व्यवस्था की जा रही है। जिससे अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सकें।  
 

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