Friday, Aug 14, 2020

Live Updates: Unlock 3- Day 13

Last Updated: Thu Aug 13 2020 09:35 PM

corona virus

Total Cases

2,434,853

Recovered

1,726,037

Deaths

47,542

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA548,313
  • TAMIL NADU320,355
  • ANDHRA PRADESH264,142
  • KARNATAKA196,494
  • NEW DELHI149,460
  • UTTAR PRADESH140,775
  • WEST BENGAL104,326
  • BIHAR94,459
  • TELANGANA86,475
  • GUJARAT74,390
  • ASSAM71,796
  • RAJASTHAN56,708
  • ODISHA52,653
  • HARYANA44,817
  • MADHYA PRADESH42,618
  • KERALA39,708
  • PUNJAB27,936
  • JAMMU & KASHMIR24,897
  • JHARKHAND18,156
  • CHHATTISGARH12,148
  • UTTARAKHAND9,732
  • GOA8,712
  • TRIPURA6,497
  • PUDUCHERRY5,382
  • MANIPUR3,753
  • HIMACHAL PRADESH3,536
  • NAGALAND2,781
  • ARUNACHAL PRADESH2,155
  • LADAKH1,688
  • DADRA AND NAGAR HAVELI1,555
  • CHANDIGARH1,515
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS1,490
  • MEGHALAYA1,062
  • SIKKIM866
  • DAMAN AND DIU838
  • MIZORAM620
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
priyanka gandhi residence will be house in lucknow where indira gandhi lived rkdsnt

लखनऊ का वह मकान बनेगा प्रियंका का ठिकाना, जहां इंदिरा गांधी रही थीं

  • Updated on 7/2/2020

नई दिल्ली/शेषमणि शुक्ल। कांग्रेस की महासचिव और उत्तर  प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा का नया आवास अब वह मकान होगा, जहां कभी उनकी दादी इंदिरा गांधी रही थीं। यह मकान इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल का है। प्रियंका गांधी वाड्रा का लुटियन जोन का 35 लोधी एस्टेट वाला आवास सरकार ने खाली करने को कहा है।

मध्य प्रदेश : शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार, सिंधिया समर्थक 12 पूर्व विधायकों को मिला इनाम

सुरक्षा कारणों से प्रियंका को यह आवास 1997 में आवंटित किया गया था। प्रियंका तकरीबन 37 हजार रुपये महीना इस आवास का किराया दे रही हैं। सरकार ने प्रियंका की एसपीजी सुरक्षा हटा कर जेड प्लस कर दी है, जिसके चलते अब उन्हें एक महीने के भीतर यह सरकारी आवास खाली करने को कहा गया है। हालांकि प्रियंका ने पहले ही इसका मन बना लिया था। 

प्रियंका गांधी के लखनऊ में बसने से योगी सरकार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें!

उन्होंने लखनऊ में पहले ही अपने लिए एक आवास की व्यवस्था कर ली थी, जिसमें मरम्मत का काम चल रहा था। कोरोना संकट और लॉकडाउन के चलते काम में विलंब हुआ, इसलिए उन्होंने अब तक शिफ्ट नहीं किया। बताया गया कि प्रियंका का नया ठिकाना लखनऊ का हजरतगंज इलाका होगा। यहां के गोखले मार्ग पर स्थित कौल आवास अब उनका निवास बनेगा।उत्तर प्रदेश की प्रभारी बनाए जाने के बाद से ही प्रियंका अपना पूरा ध्यान यूपी की सियासत पर केंद्रित करने में लग गई हैं। यूपी की योगी सरकार से वे लगातार भिड़ी हुई हैं। 

बाबा रामदेव के खिलाफ FIR दर्ज करने को लेकर दिल्ली में याचिका दायर

कोरोना काल में अपने पत्रों, ट्वीट और सोशल मीडिया के जरिए वे लगातार योगी सरकार पर निशाना साध रही हैं और नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान वे लखनऊ पुलिस से भी भिड़ चुकी हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रियंका अब लखनऊ को अपना बेस कैंप बनाएंगी और वहीं से उत्तर प्रदेश की सियासत करेंगी। उनका लक्ष्य 2020 का विधानसभा चुनाव है। उन्होंने पिछले चुनाव में ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से इसके लिए तैयारी करने को कहा था। चुनाव की जमीन तैयार करने में प्रियंका अभी से ही लग गई हैं। 

सुशांत राजपूत सुसाइड मामले की जांच फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली तक पहुंची

कहा तो यहां तक जा रहा है कि संभव है कि 2020 में कांग्रेस प्रियंका गांधी को यूपी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करके चुनाव मैदान में उतरे। इस लिहाज से प्रियंका का लखनऊ में रहना कांग्रेस के लिए सियासी संजीवनी बनेगा। पार्टी-संगठन को सक्रिय करने और विस्तार देने में भी मदद मिलेगी। अजय कुमार लल्लू जैसे जुझारू नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनवाने के पीछे प्रियंका का ही हाथ है। यहां रहते हुए अगले डेढ़ साल वे प्रदेश संगठन के साथ ही जिला और ब्लॉक स्तर तक पार्टी को खड़ा करने का काम करेंगी।

हिरासत, मुठभेड़ों में मौत : मानवाधिकार आयोग का जम्मू-कश्मीर प्रशासन को निर्देश

लखनऊ में प्रियंका का ठिकाना बनने से रायबरेली और अमेठी में भी कांग्रेस को फिर से अपनी सियासी जमीन मजबूत करने का मौका मिलेगा। स्थानीय नेताओं से भेंट-मुलाकात बढ़ेगी तो पार्टी की आपसी खींचतान को दूर करने में भी मदद मिलेगी और लोगों की शिकवा-शिकायतों की भी सुनवाई हो सकेगी। इससे सोनिया और राहुल गांधी को भी लखनऊ रुकने-ठहरने का एक ठिकाना मिल जाएगा। राहुल गांधी इस बार अमेठी का चुनाव हार गए हैं। यह गांधी परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका है। प्रियंका के लखनऊ शिफ्ट करने के पीछे एक अहम कारण इसे भी माना जा रहा है। 

कांग्रेस का आरोप- कोरोना संकट में रेलवे का निजीकरण कर रही है मोदी सरकार

वहीं रायबरेली में मिल रही चुनौती को भी प्रियंका बखूबी समझ रही हैं। इसलिए यूपी की लड़ाई दिल्ली से नहीं, लखनऊ से लड़ने की तैयारी कर रही हैं। ...तो क्या इतिहास खुद को दोहरा रहा है, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नाक नक्श वाली प्रियंका गांधी के लखनऊ शिफ्ट होने को इतिहास के आइने से भी देखा जा रहा है। प्रियंका गांधी उसी आवास में शिफ्ट करने की तैयारी कर रही हैं, जहां कभी इंदिरा गांधी रही थीं और वहां से लौटने के बाद सियासत के शीर्ष पर पहुंची थीं। 

फिरोज गांधी से विवाह करने के बाद इंदिरा गांधी लखनऊ शिफ्ट कर गई थीं। वे लखनऊ में कौल आवास में रहीं, जो उनके सगे मामा और वनस्पति विज्ञान के प्रोफेसर कैलाशनाथ कौल की पत्नी शीला कौल का है। इस आवास के परिसर में जवाहर लाल नेहरू ने भी पेड़ लगाया है। शीला कौल इंदिरा सरकार और पी. वी. नरसिम्हा राव सरकार में केंद्र में मंत्री भी रहीं। यह ऐतिहासिक तथ्य है कि लखनऊ में फिरोज गांधी से अलग हो कर इंदिरा दिल्ली वापस अपने पिता जवाहर लाल नेहरू के पास आईं, उसके बाद ही केंद्रीय सियासत में खुल कर सक्रिय हुईं और शिखर पर पहुंचीं।

 

 

 

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.