Tuesday, Dec 07, 2021
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गैर गांधी बने कांग्रेस अध्यक्ष, सुर्खियों में प्रियंका का बयान, सुरजेवाला ने दी सफाई

  • Updated on 8/19/2020


नई दिल्ली/ब्यूरो। कांग्रेस अध्यक्ष कोई गैर गांधी-नेहरू परिवार से बने। राहुल गांधी ने यह बात अपने इस्तीफे के वक्त पिछले साल 10 अगस्त को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कही थी। नया अध्यक्ष का चयन नहीं हो पाने के चलते कई महीने बाद सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष का दायित्व दिया गया। एक साल बाद अब जब पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति और राहुल गांधी को दोबारा कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग तेज हुई है तो प्रियंका गांधी वाड्रा का एक साक्षात्कार सुर्खियां बटोरने लगा है। 

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प्रियंका ने भी गांधी-नेहरू परिवार से बाहर के व्यक्ति को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की बात कही है। यह दावा इंडिया टुमॉरो नाम की एक किताब में किया गया है। पिछले हफ्ते ही रिलीज हुई इस किताब के मुताबिक प्रियंका ने कहा कि जो भी गैर गांधी-नेहरू अध्यक्ष होगा, उनका बॉस होगा और वह उन्हें अंडमान निकोबार जाकर काम करने को कहेगा तो वह खुशी-खुशी वहां जाकर काम करेंगी। प्रियंका ने कहा है कि मेरे भाई (राहुल गांधी) ने लोकसभा चुनाव के बाद अपने इस्तीफा पत्र में कहा था कि वह चुनाव की जिम्मेदारी लेता है। 

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बाद में पार्टी की अंदरूनी बैठक में कहा कि गांधी परिवार के बाहर का कोई कांग्रेस अध्यक्ष होना चाहिए। प्रियंका ने कहा कि राहुल गांधी की इस बात से वह भी पूरी तरह सहमत हैं। अब पार्टी को अपना आगे का रास्ता खुद तय करना चाहिए। पार्टी की जिम्मेदारी संभालने के सवाल पर प्रियंका ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने पर फोकस करेंगी। प्रियंका ने अपने पति राबर्ट वाड्रा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कहा कि उनका परिवार भाजपा के प्रोपेगंडा का शिकार हुआ। राजनीति से प्रेरित बेबुनियाद आरोप लगाए गए। 

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उन्होंने कहा कि 2013 में जब आरोप लगे तो मैंने अपने बेटे को सारे पैसों के लेन देन (ट्रांजेक्शन) दिखाया। उस वक्त बेटा केवल 13 साल का और बेटी आठ साल की थी। मैंने उन्हें हर बात समझाया और आरोपों का सामना करना सिखाया। उन्हें बताया कि सच्चाई क्या है। प्रियंका ने कहा कि मैं अपने बच्चों को कुछ नहीं छिपाती। प्रियंका गांधी का कथित यह साक्षात्कार ऐसे वक्त में आया है, जब कांग्रेस में पूर्णकालिक अध्यक्ष के साथ राहुल गांधी को दोबारा अध्यक्ष बनाने की मांग जोर पकड़े हुए है। 

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पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की बैठक में ज्यादातर युवा सांसदों ने राहुल को अध्यक्ष बनाने की मांग उठाई। वहीं अलग से भी कई नेता राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की पुरजोर पैरोकारी कर रहे हैं। प्रियंका के इस कथित साक्षात्कार को लेकर कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया आई है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रियंका गांधी की इस टिप्पणी को एक साल पुराना (एक जुलाई 2019) का बताते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर यह मीडिया प्रायोजित खेल है। उन्होंने एक के बाद एक ट्वीट कर कहा कि आज समय है मोदी-शाह द्वारा भारतीय लोकतंत्र पर किए बर्बरतापूर्ण हमले का सामना करने और निडरता से इससे लोहा लेने का है।


प्रियंका की टिप्पणी एक साल पुरानी : कांग्रेस 
कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी नेहरू-गांधी परिवार के बाहर के किसी व्यक्ति को सौंपने की पैरवी किए जाने से जुड़ी प्रियंका गांधी वाद्रा की एक टिप्पणी को लेकर बुधवार को कहा कि यह टिप्पणी एक साल पुरानी है और पार्टी के हर कार्यकर्ता की यह भावना है कि राहुल गांधी ही एक बार फिर से कांग्रेस की कमान संभालें। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह आरोप भी लगाया कि प्रियंका गांधी की एक साल पुरानी टिप्पणी को भाजपा के इशारे पर तूल दिया जा रहा है। 

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दरअसल, हाल ही में आई एक पुस्तक‘इंडिया टुमॉरो’में दावा किया गया है कि प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी की उस बात का समर्थन किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि गांधी परिवार के बाहर के व्यक्ति को कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया जाना चाहिए। इस पुस्तक के अनुसार, प्रियंका गांधी ने यह भी कहा है कि कोई पार्टी अध्यक्ष भले ही गांधी परिवार से नहीं हो, वह उनका‘बॉस’होगा। सुरजेवाला ने इस पर ट्वीट किया, ‘‘नेहरू-गांधी परिवार ने सत्ता के मोह से दूर, सदा सेवाभाव से कांग्रेस को एक सूत्र में बांधे रखा है। 2004 में सोनिया गांधी ने सत्ता के बजाय पार्टी की सेवा चुनी। 2019 में राहुल गांधी ने भी ²ढ़ विश्वास के साथ हिम्मत दिखाई और कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया।’’  

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उन्होंने दावा किया, ‘‘हम प्रियंका गांधी की एक वर्ष पुरानी टिप्पणी (1 जुलाई, 2019) में अचानक उपजी मीडिया के एक धड़े की रूचि (सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर) के खेल को समझते हैं। आज समय ... मोदी-शाह द्वारा भारतीय लोकतंत्र पर किए जा रहे बर्बरतापूर्ण हमले का सामना करने और निडरता से इससे लोहा लेने का है।’’ सुरजेवाला ने कहा, ‘‘लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के उस अथक संघर्ष व संकल्प के गवाह हैं, जिससे उन्होंने इस लड़ाई का नेतृत्व किया है। न तो उन्होंने विपरीत परिस्थितियों की परवाह की और न ही मोदी सरकार के वीभत्स हमलों की। यही वह निडरता और अदम्य साहस है जिसकी कांग्रेस को ही नहीं, बल्कि देश को सबसे का्यादा जरूरत है।’’ 

 

 

 

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