Saturday, Jul 31, 2021
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priyanka on ram temple land scam case misuse of donations is insult to faith prshnt

राम जन्मभूमि घोटाला मामले पर बोली प्रिंयका, चंदे का दुरुपयोग अधर्म और आस्था का अपमान है

  • Updated on 6/14/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर जमीन के सौदे में कथित भ्रष्टाचार के दावे का हवाला देते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि राम मंदिर के लिए मिले चंदे का दुरुपयोग करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान और अधर्म है। पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘‘करोड़ों लोगों ने आस्था और भक्ति के चलते भगवान के चरणों में चढ़ावा चढ़ाया। उस चंदे का दुरुपयोग अधर्म है, पाप है, उनकी आस्था का अपमान है।

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने रविवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की थी।    सिंह ने लखनऊ में दावा किया था कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने संस्था के सदस्य अनिल मिश्रा की मदद से दो करोड़ रुपए कीमत की जमीन 18 करोड़ रुपए में खरीदी। उन्होंने कहा था कि यह सीधे-सीधे धन शोधन का मामला है और सरकार इसकी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराये। 

वहीं, समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रहे एवं अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडे ने भी अयोध्या में राय पर भ्रष्टाचार के ऐसे ही आरोप लगाए और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। चंपत राय ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस तरह के आरोपों से नहीं डरते तथा इन आरोपों का अध्ययन करेंगे।

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ओम प्रकाश राजभर की मांग
बत दें कि कभी भाजपा की सहयोगी रही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राम मंदिर निर्माण के लिये जमीन खरीदने में हुए कथित घोटाले की सोमवार को सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पिछले दिनों उन्हें फोन कर बातचीत का प्रयास किया था। 

राजभर ने सोमवार को जिले के रसड़ा में पार्टी के जिलाध्यक्षों की एक बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भाजपा व राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, मंदिर आम लोगों के लिए आस्था का केंद्र है लेकिन भाजपा व आरएसएस के लिए मंदिर व्यापार का जरिया है।उन्होंने आरोप लगाया है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक जमीन गत 18 मार्च को 2 करोड़ रुपये में खरीदी गई और इसके बाद वही जमीन 18 मार्च को ही पांच मिनट बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने 18.50 करोड़ रूपये मे खरीद ली। उन्होंने दावा किया है कि दोनों बार जमीन की हुई खरीद फरोख्त में गवाह वही हैं। राजभर ने जमीन खरीदने में 16 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निर्मोही अखाड़ा इसके पहले विश्व ङ्क्षहदू परिषद पर 1400 करोड़ रुपये के घोटाला का आरोप लगा चुका है। राजभर ने कहा कि कामीन घोटाले से करोड़ों भक्तों की आस्था से खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने जमीन खरीदने में हुए कथित घोटाले की सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच की मांग की है।          

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उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही गहमागहमी
राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा, दोनों नेता भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं करने (जीरो टॉलरेंस) का दावा करते हैं, अब मोदी जी और योगी जी बताए कि इस घोटाले के मामले में राम मंदिर निर्माण संस्था के ट्रस्टी पर कब मुकदमा दर्ज होगा तथा घोटाले में संलिप्त लोग कब गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे।  भाजपा के सहयोगी रहे राजभर ने यह दावा भी किया है कि उत्तर प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही गहमागहमी के मध्य पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने उन्हें फोन किया था, लेकिन उन्होंने नड्डा से बातचीत करने से इंकार कर दिया था। 

विपक्ष के आरोपों पर ट्रस्ट की सफाई

विपक्ष के आरोपों पर ट्रस्ट ने सफाई दी है। आरोपों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और वीएचपी के नेता चंपत राय की ओर से एक बयान जारी किया। राय ने कहा, " मंदिर परिसर के पूर्व और पश्चिम दिशा में यात्रा को सुलभ बनाने औऔर मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए गृहस्थों के मकान खरीदने जरूरी हैं। जिनसे मकान खरीदा जाएगा, उन्हें पुनर्वास के लिए जमीनें दी जाएंगी। इस काम के लिए भूमि की खरीदारी की जा रही है।" 

उन्होंने कहा कि "ट्रस्ट की ओर से जो भी जमीनें खरीदी गई हैं, वो खुले बाजार से कम कीमत पर खरीदी गई हैं।" उन्होंने कहा, "जिस जमीन खरीद को लेकर आरोप लग रहे हैं, उस जमीन का वर्षों पहले जिस कीमत पर रजिस्टर्ड एग्रीमेंट हुआ था, उसे 18 मार्च 2021 को विक्रेताओं ने पहले बैनामा कराया और उसके बाद ट्रस्ट के साथ एग्रीमेंट किया।" चंपत राय ने कहा, लोग राजनीति विद्वेष से प्रेरित होकर भ्रम फैला रहे हैं।

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