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proposal against CAA presented in Rajasthan and Maharashtra Legislative Assembly

केरल-पंजाब के बाद अब राजस्थान और महाराष्ट्र विधानसभा में भी पेश होगा CAA के खिलाफ प्रस्ताव

  • Updated on 1/20/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। नागरिकता संशोधन कानून (Citizen Amendment Act 2019) के विरोध में हाल ही में केरल (Kerala) और पंजाब (Punjab) में प्रस्ताव पारित होने के बाद विपक्षी दल की सत्ता वाले राजस्थान (Rajsthan) और महाराष्ट्र (Maharastra) ने सीएए  (CAA) के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने का निर्णय लिया है। वहीं जानकारी है कि कांग्रेस (Congress) की ही सत्ता वाले मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी जल्द ही ये कदम उठाए जाने की संभावना है 

कई मायनों में अभूतपूर्व है यह ‘आंदोलन’

सीएए के खिलाफ आगामी बजट सत्र में संकल्प
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने सीएए के खिलाफ आगामी बजट सत्र में एक संकल्प प्रस्ताव विधानसभा में पारित कराने का निर्णय लिया है। वहीं संसदीय मामलों के मंत्री शांति धरीवाल ने कहा, विधानसभा में बजट सत्र 24 जनवरी से शुरू होगा और ये प्रस्ताव पहले दिन हीपेश होने की संभावना है।

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बजट सत्र 24 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा
जानकारी मिली है कि लोकसभा और राज्य विधानसभा में एससी/एसटी आरक्षण को 10 साल के लिए आगे बढ़ाने वाले को 25 जनवरी से पहले ही मंजूरी देना आवश्यक है इसलिए बजट सत्र 24 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल बासपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले छह विधायकों ने वाजिब अली के नेतृत्व में शुक्रवार को इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाने की मांग की थी। 

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सीएए के खिलाफ प्रस्ताव
दूसरी ओर महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन वाली महाविकास अघाड़ी सरकार भी जल्द ही विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेगी। कांग्रेस प्रवक्त्ता राजू वाघमारे ने कहा, हमारे गठबंधन के वरिष्ठ नेता जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक कर निर्णय लेंगे। 

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पंजाब सरकार के नक्शेकदम पर अन्य कांग्रेस शासित राज्य
नागरिकता संशोधन कानून पर पंजाब सरकार के नक्शेकदम पर अन्य कांग्रेस शासित राज्य भी चलने की तैयारी में हैं, पंजाब विधानसभा सीएए के खिलाफ पहले ही प्रस्ताव पारित कर चुका है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने रविवार को कहा कि हम पंजाब के बाद अब राजस्थान , मध्यप्रदेश और छत्तीशगढ़ जैसे राज्यों में इसके खिलाफ प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं।

पटेल ने कहा कि विधानसभाओं ,से सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने से केंद्र सरकार को स्पष्ट संदेश जाएगा कि वे इसपर पुनर्विचार करे। राजस्थान में इसकी तैयारी भी शुरू हो चुकी है। वहां 24 जनवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। सत्र के पहले ही दिन सीएए के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा सकात है। 

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हर राज्य की विधानसभा के पास ये सांविधानिक अधिकार
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि हर राज्य की विधानसभा के पास सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने और इसके वापस लेने की मांग करने का सांविधानिक अधिकार है लेकिन जब किसी कानून को सुप्रीम कोर्ट सांविधानिक घोषित कर देता है तो राज्यों के लिए इसका विरोध करना मुश्किल होगा।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सिब्बल ने एक दिन पहले ही कहा था कि संसद से पारित कानून को कोई भी राज्य लागू करने से मना नहीं कर सकता है। 

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