Wednesday, Jan 26, 2022
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बीमा अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव, 74% होगी बीमा क्षेत्र में FDI सीमा

  • Updated on 2/2/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बजट (Budget 2021) में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) सीमा बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। अभी यह सीमाा 49 प्रतिशत है। वित्तमंत्री ने साथ ही विदेशी भागीदारी तथा नियंत्रण की अनुमति के लिए बीमा अधिनियम-1938 में संशोधन का प्रस्ताव किया। सीतारमण ने सोमवार को कहा कि नए ढांचे के तहत ज्यादातर निदेशक और बोर्ड तथा प्रबंधन स्तर के अधिकारी निवासी भारतीय होंगे। कम से कम 50 प्रतिशत निदेशक स्वतंत्र निदेशक होंगे।

इसके अलावा मुनाफे का एक निश्चित प्रतिशत सामान्य आरक्षित निधि के रूप में रखा जाएगा।  निवेशकों के संरक्षण के लिए सभी वित्तीय उत्पादों के लिए निवेशक चार्टर पेश किया जाएगा। यह सभी वित्तीय निवेशकों का अधिकार होगा। 

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2015 से दूसरी बार बढ़ाई सीमा
सरकार ने 2015 में बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को 26 से बढ़ाकर 49 प्रतिशत किया था। भारत में जीवन बीमा की जीडीपी का 3.6 प्रतिशत है। यह 7.13 प्रतिशत के वैश्विक औसत से काफी कम है। यह जीडीपी का मात्र 0.94 प्रतिशत है, जबकि इसका वैश्विक औसत 2.88 प्रतिशत है। पहले सरकार ने बीमा मध्यवर्ती इकाइयों में 100 प्रति. विदेशी निवेश की अनुमति दी थी। मध्यवर्ती सेवाओं में बीमा ब्रोकर, पुनर्बीमा ब्रोकर, बीमा सलाहकार, कॉरपोरेट एजेंट, तीसरा पक्ष प्रशासक, सर्वेयर और नुकसान का आकलन करने वाले आते हैं। 

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मजबूती मिलेगी 
बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव पर डेलॉयट इंडिया के भागीदार रसल गाइतोंडे ने कहा कि इस फैसले से बीमा क्षेत्र में अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। साथ ही क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। अलायंस इंश्योरेंस के सह-संस्थापक और निदेशक आतुर ठक्कर ने कहा कि बीमा क्षेत्र में अतिरिक्त पूंजी आने से इसकी वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगी और साथ जमीनी स्तर पर आखिरी छोर तक बीमा सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी। इस एक कदम से युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसरों का सृजन हो सकेगा।  

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एलआईसी का आईपीओ आएगा अगले साल
रतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का आईपीओ अगले साल बाजार में आएगा। सरकार विनिवेश के लिए जल्द ही एलआईसी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराएगी। हालांकि यह ऐलान मोदी सरकार ने पिछले साल भी किया था मगर कोरोना की वजह से यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाष में इसका जिक्र किया। आईपीओ के जरिए कंपनी की आर्थिक हैसियत का पता लगाया जाएगा। 

1.75 लाख करोड़ का विनिवेश : सरकार ने बजट में कहा कि वह सार्वजनिक क्षेत्र कंपनियों की हिस्सेदारी बेचकर 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाएगी। जिनकी हिस्सेदारी बेची जाएगी उनमें सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंक भी शामिल हैं। हालांकि नए वित्तवर्ष के लिए यह विनिवेश लक्ष्य मौजूदा 2.10 लाख करोड़ के रिकार्ड स्तर से कम है। 

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ऐसे होगा विनिवेश
वित्तवर्ष 2021-22 में जो कुल 1.75 लाख करोड़ के विनिवेश का लक्ष्य रखा गया है उसमें से 1 लाख करोड़ रुपये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के स्टॉक बेचकर तथा 75000 करोड़ रुपए सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश से जुटाए जाएंगे। 

इन कंपनियों में होगा विनिवेश : वित्तभाषण में वित्तमंत्री ने कहा कि रणनीतिक तरीके बीपीसीएल, एयरइंडिया, शिपिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (कोनकोर), आईडीबीआई बैंक, बीईएमएल, पवन हंस, नीलांचल इस्पात निगम लि. में वित्तवर्ष 2021-22 के दौरान विनिवेश किया जाएगा। 

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