PUBG  बन रहा है पैरेंट्स के लिए सिरदर्द, बढ़ रहे हैं मानसिक रोगों के मामले

  • Updated on 11/30/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बेंगलुरु में जहां एक तरफ युवाओं पर गेमिंग का खुमाकर चढ़ा हैं तो वहीं इसी के साथ गेमिंग से होने वाले नुकसानों को लेकर चर्चा होना शुरु हो गई है। ये खेल अब सेत पर भारी पड़ता जा रहा है। ना केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका अलर पड़ रहा है। ये खेल बच्चों के माता-पिता के लिए परेशानी का सबब बन गया है। PlayerUnknown’s Battleground यानी PUBG नाम का खेल युवाओं का चेहाता बना हुआ है। इसके चलते बंगलौर में इस समय इस खेल की वजह से युवाओं में मानसिक रोग के करीब 120 केस  सामने आ चुके हैं जोकि चिंताजनक बताया जा रहा है। 

इस क्रम में युवाओं में खेल ना खेल पानी की वजह से गुस्सा, खेल छोड़ने पर गुस्सा, नींद ना आना, असल जिंदगी से दूरी और स्कूल कॉलेजों में पढ़ाई से हटता मन प्रमुख वजहों में से एक है। इसके अलावा कई तरह की शारीरिक दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। लगातार कई घटों तक फोन पर गेम खेलने से गर्दन, रीढ़ की हड्डी और हाथ और पीठ के दर्द से दो चार होना पड़ रहा है। 

बता दें कि ये खेल भारत में 8 महीने पहले ही लॉन्च हुआ है और युवाओं में तेजी से इस खेल को लेकर चाहत बढ़ती गई। शुरुआत में इसतरह के मामले कम थे लेकिन अब इन मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है।  हाल ही में इस खेल को लेकर बंगलौर में एक बड़ा इवेंट आयोजित हुआ जिसके बाद से युवाओं में इस खेल को लेकर रुचि और बढ़ गई।

क्या है  PlayerUnknown’s Battleground यानी PUBG 

ये एक ऑनलाइन कॉम्बेट गेम हैं दुनियाभर के 100 लोग एक साथ खेल सकते हैं। इस गेम में 100 खिलाड़ी एक प्लेन से साथ उतरते हैं और अलग-अलग जगह पर जाकर लड़ाई संबंधी जरुरी चीजों जैसे आर्म्स, दवाईयां आदि एक साथ कलेक्ट कर चुकें। इसके अलावा अपने प्रतिद्वंदी को हराकर आगे बढ़ना है। इसतरह से गेम में जो सबसे आखिरी में बचता है वहीं गेम का विजेता होता है। 

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