Monday, Mar 25, 2019

#SaluteToASoldier: नम आंखों से पुलवामा के शहीदों को विदाई दे रहा है पूरा देश

  • Updated on 2/16/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए 40 जवानों को देशभर के लोग आज नम आंखों से अंतिम विदाई दे रहे हैं। आज सभी शहीद जवानों के पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा दिया गया। अब उनके परिजन उनका अंतिम संस्कार कर रहे हैं। 

कानपुर के शहीद श्याम बाबू का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। दुखी परिजनों और ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की कि इस हमले के लिए पाकिस्तान को मुंहतोड. जवाब देना चाहिये और ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाये। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति इरानी और प्रदेश सरकार के मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने शहीद के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया और उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।   

पुलवामा में शहीद हुए राजस्थान के पांच जवानों को उनके पैतृक गांवों में पूरे राजकीय व सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गयी। हजारों लोगों के जनसमूह ने वंदे मातरम व भारत माता के जयकारों के बीच इन सैनिकों को अश्रुपूर्ण विदाई दी। वहीं इन हमलों के विरोध में जयपुर सहित राज्य के कई प्रमुख शहरों में बाजार आधा दिन बंद रहे। पुलवामा में राज्य के पांच जवान शहीद हुए जिनमें रोहिताश लांबा, हेमराज मीणा, जीतराम गुर्जर, भागीरथ सिंह और नारायण लाल गुर्जर शामिल हैं।

हरिद्वार में गंगा के किनारे खरखरी श्मशान घाट पर बड़ी संख्या में लोगों ने सीआरपीएफ के शहीद एएसआई मोहन लाल को शनिवार को अश्रुपूर्ण विदाई दी। उनका पूर्ण राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। लाल के बेटों शंकर रतूड़ी और राम प्रसाद रतूड़ी ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। 

उन्नाव के सदर कोतवाली इलाके के लोकनगर मोहल्ले के रहने वाले सीआरपीएफ के शहीद जवान अजीत कुमार आजाद का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद अजीत को गंगातट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ पुलिस की टुकड़ी ने गार्ड आफ आनर दिया। जिसके बाद शहीद के भाई रंजीत ने चिता को मुखाग्नि दी। 

शहीद कौशल कुमार रावत की आगरा में एक गांव में शनिवार को अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। परिवार के सदस्य, सरकारी अधिकारी, नेता और आमजन अंतिम यात्रा में शामिल हुए जो सुबह नौ बजे करहई गांव में शुरू हुई। रावत की पुत्री अपूर्वा और परिवार के सदस्यों ने उम्मीद जतायी कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। अपूर्वा दिल्ली में एक निजी एयरलाइन कंपनी में काम करती है। 

शहीद 28 वर्षीय मनिंदर सिंह का यहां उनके पैतृक स्थान पर शनिवार को पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। राष्ट्रध्वज में लिपटे ताबूत में उनका पार्थिव शरीर शनिवार को सुबह दीनानगर के आर्य नगर में उनके आवास पर लाया गया।

मनिंदर के छोटे भाई लखवीर सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी। लखवीर सिंह भी सीआरपीएफ में सेवारत हैं। उनके परिवार में पिता सतपाल सिंह अत्री, तीन बहनें और भाई लखवीर है। उनके आवास पर हृदय विदारक दृश्य देखने को मिले। बड़ी संख्या में लोग वीर जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए।

शोकाकुल लोगों ने राष्ट्रध्वज ले रखा था और उन्होंने ‘मनिंदर अमर रहे, मनिंदर जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारे भी लगाए। कुछ स्कूली छात्र तिरंगा लिए हुए उस सड़क पर खड़े रहे जहां से पार्थिव शरीर लेकर आ रहा वाहन गुजरा।     

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुलवामा आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के एएसआई मोहन लाल को शनिवार को श्रद्धांजलि दी। रावत शहर में करगी चौक के समीप विद्या विहार इलाके में लाल के आवास पर पहुंचे। जवान का पार्थिव शरीर राष्ट्रध्वज में लिपटे ताबूत में उनके आवास पर लाया गया।

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मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि पूरा देश अर्धसैन्य बल के वीर जवान के लिए दुखी है जिन्होंने आतंकवादी हमले में अपनी जान को बलिदान कर दिया। रावत ने पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया। पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाने के वास्ते एक वाहन में ले जाया गया।   

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के रहने वाले मोहन लाल (53) उन 40 सीआरपीएफ जवानों में शामिल हैं जिनकी पुलवामा में बृहस्पतिवार को आतंकवादी हमले में मौत हो गई। वह बल की 76वीं बटालियन में एएसआई थे। हमले में उत्तराखंड के दो जवान मारे गए। दूसरा जवान वीरेंद्र सिंह उधम सिंह नगर जिले के खटीमा का रहने वाला था।

भाजपा के मसूरी से विधायक गणेश जोशी, पार्टी के धरमपुर से विधायक विनोद चमोली और पार्टी की नगर ईकाई के अध्यक्ष विनय गोयल ने भी लाल को श्रद्धांजलि दी। शनिवार को तड़के जब लाल का पार्थिव शरीर उनके आवास पर लाया गया तो बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्रित हो गए। उन्होंने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए।

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