Tuesday, Apr 13, 2021
-->
punjab agriculture bills sad leaders meet nadda after cm amirander singh challenge rkdsnt

कृषि संबंधी विधेयक: CM अमिरंदर की चुनौती के बाद शिअद नेताओं ने की नड्डा से मुलाकात

  • Updated on 9/15/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेताओं ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा (JP Nadda) से दिल्ली में मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि केंद्र सरकार को कृषि से संबंधित 3 विधेयकों पर किसानों की चिंताओं का निराकरण करना चाहिए। उन्होंने प्रस्तावित कानून को संसदीय समिति को भेजा जाना चाहिए।

दिल्ली विधानसभा समिति ने फेसबुक को जारी किया ‘अंतिम नोटिस’, चेताया

बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार में शामिल शिरोमणि अकाली दल को कृषि संबंधी विधेयकों पर चुनौती दी थी कि वह इस मुद्दे पर सरकार से नाता तोड़ दे। बता दें कि प्रदेश के किसान कृषि संबंधी विधेयकों को लेकर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

सुशांत मामले में कोर्ट का मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर दायर याचिक पर केंद्र को नोटिस

शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, राज्य सभा सदस्य बलविंदर सिंह भुंडेर, नरेश गुजराल और वरिष्ठ नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने दिल्ली में नड्डा के आवास पर उनसे मुलाकात की और सोमवार को संसद में प्रस्तुत किए कृषि संबंधित तीन विधेयकों के मुद्दे पर चर्चा की। केंद्र में शिअद, भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का सहयोगी दल है। 

कंगना द्वारा 2 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग पर शिवसेना शासित BMC में खलबली

गुजराल ने संवाददाताओं से कहा, '(बैठक में) हमने कहा कि चूंकि इन विधेयकों को लेकर किसानों के मन में संशय है इसलिए यह जरूरी है कि इन मुद्दों का निराकरण किया जाए। किसानों को लगता है कि ये (कृषि विधेयक)किसान विरोधी हैं।' उन्होंने कहा, 'आपको (भाजपा) लगता है कि आप किसानों के सबसे बड़े हितैषी हैं, लेकिन पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में धारणा इसके एकदम अलग है। इसलिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि इन्हें (इन विधेयकों) को संयुक्त प्रवर समिति को भेज दिया जाए जो सभी हितधारकों के साथ बातचीत करेगी।'

सुदर्शन टीवी के विवादास्पद कार्यक्रम पर सुप्रीम कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

40 मिनट तक चली बैठक में गुजराल ने कहा कि सरकार को विधेयकों के बारे में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सरकार ने  सोमवार को लोकसभा में कृषि उत्पाद व्यापार और वाणिज्य विधेयक, किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन समझौता विधेयक और कृषि सेवा अध्यादेश और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक पेश किये।  

राजनाथ बोले- लद्दाख में तनाव के बीच संप्रभुता की रक्षा के लिए मुस्तैद हैं सशस्त्र बल

comments

.
.
.
.
.