Saturday, Jun 23, 2018

पत्नी की मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाना हो सकता है तलाक का आधार

  • Updated on 6/9/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पत्नी के रजामंदी के बिना और अप्रा​कृतिक यौन संबंध बनाना अब तलाक का आधार हो सकते हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महिला की तलाक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि किसी महिला से जबरन यौन संबंध बनाना अपराध के अंदर आता है।

बठिंडा की महिला ने अपने पति के खिलाफ चार साल पहले मारपीट और जबरन यौन संबंध बनाने के तहत निचली अदालत में केस दर्ज कराया था। निचली अदालत के इस मामले पर सुनवाई के बाद पीड़ित महिला ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

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इस मामले में निचली अदालत ने अपनी सुनावाई में क​हा कि महिला के साथ पति द्वारा बनाए गए रजामंदी के बिना अप्राकृतिक यौन संबंध के सिलसिले में कोई चिकित्सीय साक्ष्य नहीं मिले है। इसलिए इस संदर्भ में पति के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती हैं।

वहीं दूसरी तरफ उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते ​हुए महिला के पक्ष में फैसला सुनया है। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एमएमएस बेदी और हरिपाल वर्मा ने ​आदेश में ​कहा कि, ऐसा कई बार देखा गया है कि अपीलकर्ता का दावा किसी वजह से खारिज कर दिया जाता है।

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जस्टिस बेदी और हरिपाल ने यह भी कहा कि, अप्राकृतिक यौन संबंध और जबरन यौन संबंध बनाने के लिए पत्नी को मजबूर किया जाता है, इस दौरान महिला को असहनीय पीड़ा से गुजरना पड़ता है। किसी महिला से उसकी सहमति के बिना शारिरिक संबंध बनाना अमानवीय है। इससे पीड़ित को मानसिक यातना और असहनीय दर्द होता है।

निश्चित रूप से यह संबंध गलत है और रिश्ता खत्म करने या तलाक लेने के लिए एक बड़ी वज​ह है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने य​ह फैसला सुना कर पीड़ित महिला को अपने पति से तलाक लेने की इजाजत दे दी। बता दें कि पीड़ित महिला की शादी जनवरी 2017 में बिहार के रहने वाले एक व्यक्ति के साथ हुई थी। 

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