Thursday, Jun 24, 2021
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किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल, जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे अमरिंदर और सिद्धू

  • Updated on 11/4/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नए कृषि कानून (Farm bill)के खिलाफ आमने-सामने आई पंजाब (Punjab) और केंद्र सरकार एक बार फिर बिजली को लेकर एक दूसरे पर हमलावर है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह  (Captain Amrinder Singh) जंतर-मंतर पर धरना देने के लिए दिल्ली पहुंचे हुए हैं और उनका प्रदर्शन शुरू हो चुका है। 

धरने के बीच सीएम अमरिंदर सिंह ने मीडिया से कहा कि हम स्टॉक से खरीद रहे हैं। मार्च से कोई जीएसटी (GST) का पैसा नहीं मिला है।  10,000 करोड़ रुपये सरकार के पास बकाया है। हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। 

कृषि कानूनों के खिलाफ बढ़े किसानों के विरोध के बाद केंद्र सरकार ने पंजाब में रेल सेवा पर रोक लगा दी है। जिसके बाद से पंजाब में ब्लैक आउट का खतरा बढ़ गया है। इसी मसले के चलते केंद्र सरकार का विरोध करने सीएम अमरिंदर कांग्रेस विधायकों और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं।   

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दरअसल, किसान बिल का विरोध करने के बाद पंजाब में तीन से चार घंटे तक बिजली की कटौती होना शुरू हो गई। इतना ही नहीं, खेतों में खाद की कमी बढ़ गई। कारोबारियों का स्टॉक बढ़ने लगा है। इन्ही सब मुद्दों को लेकर पंजाब सरकार केंद्र के खिलाफ विरोध जताना शुरू कर दिया है। वही, धरने से पहले कांग्रेस पंजाब के विधायकों ने विरोध प्रदर्शन करने के लिए पंजाब भवन से जंतर मंतर तक मार्च निकाला। 

सीएम अमरिंदर सिंह दिल्ली में धरने की शुरुआत कर चुके हैं। उनके साथ कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी धरने के लिए जंतर मंतर में मौजूद हैं। इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस सांसदों के साथ राजघाट गए थे। यहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि गांधी जी 1909 में कहा था कि भारत का मतलब लाखों किसान होता है। हमारा इरादा राष्ट्रपति से मिलने का था। इसमें राज्यपाल की कोई भूमिका नहीं थी।

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इससे पहले अमरिंदर सिंह ने ये फैसला तब लिया जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से पंजाब सरकार के शिष्टमंडल को मिलने के लिए समय नहीं दिया गया। इसके साथ ही उनका ये धरना केंद्र सरकार की ओर से राज्ये में मालगाड़ियों का परिचालन बंद करने के विरोध में है।

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