Monday, Jun 27, 2022
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विधायकों की पेंशन को लेकर पंजाब के CM भगवंत मान का बड़ा फैसला

  • Updated on 3/25/2022


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व विधायकों को अब सिर्फ एक कार्यकाल के लिए ही पेंशन मिलेगी। इस तरह से विधायकों को प्रत्येक कार्यकाल के लिए पेंशन मिलने की प्रथा समापत हो जाएगी। विधायक को एक कार्यकाल के लिए 75,000 रुपये की पेंशन मिलती है। इसके बाद, आगे के प्रत्येक कार्यकाल के लिए अतिरिक्त 66 प्रतिशत पेंशन राशि मिलती है। वर्तमान समय में 250 से अधिक पूर्व विधायकों को पेंशन मिल रही है। मान ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘पंजाब में पूर्व विधायक, भले ही पांच बार या 10 बार चुनाव जीते हों, उन्हें अब सिर्फ एक कार्यकाल के लिए पेंशन मिलेगी।’’ 

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 उन्होंने कहा कि कई सांसदों को भी विधायक रहने के लिए पेंशन मिल रही है। उन्होंने कहा कि इससे जो बचत होगी उस धन को लोगों के कल्याण पर खर्च किया जाएगा। मान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘विधायक सहित हमारे नेता, आपसे हाथ जोड़ कर यह कहते हुए वोट मांगते हैं कि अपनी सेवा का हमें बस एक मौका दीजिए।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन आप यह जानकर आश्चर्यचकित रह जाएंगे कि तीन बार, चार बार या पांच बार जीतने वाले कई विधायकों को और फिर चुनाव हार जाने वाले या चुनाव लडऩे के लिए टिकट नहीं मिलने के बाद उन्हें प्रति माह लाखों रुपये की पेंशन मिलती है।’’ 

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मान ने कहा, ‘‘किसी को 3.50 लाख रुपये, किसी को 4.50 लाख रुपये और किसी को 5.25 लाख रुपये की पेंशन मिलती है। इसका सरकारी खजाने पर करोड़ों रुपये का वित्तीय बोझ पड़ता है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी (पूर्व विधायकों की) परिवार पेंशन में भी कटौती की जाएगी। मान ने कहा कि उन्होंने इस सिलसिले में संबद्ध अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये हैं। कुछ दिन पहले शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रकाश सिंह बादल ने कहा था कि वह पूर्व विधायक के तौर पर पेंशन नहीं लेंगे। वह 11 बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। 

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उन्होंने पंजाब सरकार और विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया था कि उनकी पेंशन की राशि समाज कल्याण में लगा दी जाए और इसके जरिये कुछ जरूरतमंद छात्राओं को उनकी शिक्षा में मदद को प्राथमिकता दी जाए। यदि बादल ने पेंशन नहीं छोडऩे का फैसला किया होता, तो उन्हें पेंशन के रूप में प्रति माह 5 लाख रुपये से अधिक मिलते। इस बीच, कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने इस फैसले का स्वागत किया है। खैरा ने एक ट््वीट में कहा, ‘‘मैं पूर्व विधायकों को एक पेंशन के भगवंत मान द्वारा लिए गए निर्णय का स्वागत करता हूं, विशेष रूप से 3 लाख करोड़ रुपये के भारी कर्ज को देखते हुए...। एक पेंशन उचित है क्योंकि बहुत सारे विधायक हैं वस्तुत: राजनीति में अपने जीवन का योगदान दिया है।’’ 

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कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री परगट सिंह ने भी इस कदम की सराहना की। जालंधर कैंट विधायक ने कहा, ‘‘मैं भगवंत मान सरकार के‘एक विधायक-एक पेंशन’फैसले का स्वागत करता हूं। इससे पंजाब के वित्त पर बोझ कम होगा। मुख्य विपक्ष के रूप में, हम एक रचनात्मक और जिम्मेदार भूमिका निभाते रहेंगे। पंजाब हमारे लिए सबसे पहले आता है।’’  शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने भी आप सरकार के इस फैसले का स्वागत किया।     

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पंजाब में तीन आईपीएस अधिकारियों का तबादला
पंजाब सरकार ने शुक्रवार को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी व विशेष पुलिस महानिदेशक (जांच, लोकपाल) प्रबोध कुमार को विशेष डीजीपी (खुफिया) नियुक्त किया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) एस. श्रीवास्तव को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमरदीप सिंह राय की जगह एडीजीपी (खुफिया) का प्रभार दिया गया है। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी राय को श्रीवास्तव की जगह एडीजीपी (यातायात) नियुक्त किया गया है। इस बीच एक अन्य आदेश के अनुसार एडीजीपी गुरप्रीत कौर देव को पंजाब पुलिस का मुख्य सतर्कता अधिकारी नियुक्त किया गया है और वह ईश्वर सिंह की जगह लेंगे।

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