Saturday, Jul 21, 2018

पंजाब सरकार के नए फरमान में फेल हुए कांग्रेस विधायक, पॉजिटिव आया डोप टेस्ट

  • Updated on 7/11/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  पंजाब  सरकार ने राज्य में ड्रग्स तस्करी पर लगाम लगाने के लिए अपनी सरकार के सभी कर्मचारियों  का डोप टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है। कांग्रेस विधायक सुरिंदर सिंह चौधरी डोप टेस्ट में फेल हो गए है। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। डॉक्टरों का कहना है कि उनके यूरीन सैंपल में अवसाद और नींद ना आने की दिक्कत में ली जाने वाली नशीली दवा बेजोडाइजेपिन के अंश मिले है।

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 बता दें कि सिंह करतारपुर से विधायक हैं। इस बारे में सिंह ने कहा कि वो अपनने दिमाग को राहच देने के लिए कुछ दिनों से इस दवा का सेवन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वो डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन कर रहे थे। डोप टेस्ट का ये पहले ऐसा मामला नहीं है जिसमें किसी नेता का रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आते रहे है। विधायक बावा हैनरी, रजिंदर बेरी ,सांसद चौधरी संतोख सिंह, विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा जैसे बड़े नेताओं के नाम हैं जो पहले भी इस तरह के मामले में शामिल हो चुके हैं।

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गौरतलब है कि ड्रग्स के चलते पंजाब में कई मौते हो चुकी है जिसने अमरिंदर सिंह सरकार की नींद उड़ा दी है। इसको देखते हुए पंजाब सरकार ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंस (एनडीपीएस) कानून, 1985 में संशोधन कर मौत की सजा के प्रावधान को जोड़ने की केंद्र सरकार से सिफारिश की है। साथ ही राज्य सरकार ने कर्मचारियों का डोप टेस्ट करवाना अनिवार्य कर दिया है। डोप टेस्ट में कर्मचारी पॉजिटिव पाए जाने पर अधिकारियों के प्रमोशन पर रोक लगाने की बात कही जा रही है। बता दें कि पंजाब सरकार के इस फैसले के बाद पंजाब में 3.5 लाख सरकारी कर्मचारियों के डोप टेस्ट होंगे। 

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