Thursday, Jan 23, 2020
Punjab government approves strict fast track courts for rape cases

बलात्कार के मामलों को लेकर पंजाब सरकार हुई सख्त, फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन को दी मंजूरी

  • Updated on 1/9/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पंजाब सरकार (Punjab Govt) ने राज्य में बलात्कार से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए सात फास्ट-ट्रैक अदालत (Fast track court) गठित करने का फैसला किया है।

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तीन विशेष अदालतों और 10 परिवार अदालतों का होगा गठन
साथ ही बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मुकदमों की सुनवाई के लिए तीन विशेष अदालतों और 10 परिवार अदालतों का भी गठन किया जाएगा। सभी फैसले गुरुवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्रिमंडल ने बलात्कार के मामलों पर सुनवाई के लिये सात फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन का निर्णय लिया है।

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70 नए पदों का होगा सृजन
इसके लिए 70 नए पदों का सृजन किया गया है। इनमें से चार अदालतें लुधियाना में होंगी जबकि अमृतसर, जालंधर और फिरोजपुर में एक-एक अदालत का गठन किया जाएगा। विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्रिमंडल ने अतिरिक्त और जिला सत्र न्यायाधीशों के सात तथा अन्य कर्मचारियों के 63 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। सभी अदालतें आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों को लागू करेंगी।

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तीन विशेष पॉक्सो अदालतों का भी होगा गठन
इन अदालतों पर वार्षिक खर्च 3.57 करोड़ रुपये आने की संभावना है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि अदालतों के गठन से ऐसे लंबित मामलों में कमी आएगी और फिर दो महीने में इन मुकदमों की सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा। एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने तीन विशेष पॉक्सो अदालतों के गठन और उसके लिए 45 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी।

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