Monday, Sep 26, 2022
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पंजाब: विधायकों ने विधानसभा का विशेष सत्र आहूत नहीं होने के विरोध में मार्च निकाला 

  • Updated on 9/22/2022


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का फैसला वापस लिए जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को ‘मार्च’ निकाला। विधायक ‘‘ लोकतंत्र की हत्या बंद करो’’ तथा ‘‘ऑपरेशन लोटस मुर्दाबाद’’ जैसे नारे वाली तख्तियां हाथ में लिए हुए थे। पार्टी ने कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर साथ मिले होने तथा राज्य में विधानसभा का विशेष सत्र नहीं होने देने के लिए मिल कर काम करने का आरोप लगाया। 

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विधायकों को राज्यपाल के आवास की ओर बढऩे से रोक दिया गया। पुलिस ने विधानसभा परिसर से एक किलोमीटर के दायरे में अवरोधक लगा दिए थे। प्रदर्शन कर रहे विधायक रोके जाने पर उसी स्थान पर बैठ गए और उन्होंने कांग्रेस तथा भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। 

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 इस विरोध प्रदर्शन में राज्य का कोई मंत्री नहीं शामिल हुआ। विधायकों ने राज्य विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का फैसला राज्यपाल द्वारा वापस लिए जाने के लिए उनकी आलोचना की। विधायक गुरमीत सिंह खुदियान ने कहा, ‘‘ यह (विशेष सत्र नहीं बुलाना) सरासर अन्याय है। राज्य सरकार विधानसभा का सत्र बुला सकती है।’’ 

 उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने ‘‘शीर्ष स्तर से निर्देश मिलने पर सत्र को रद्द करने का निर्णय लिया। भाजपा गलत कर रही है और लोकतंत्र खतरे में है।’’ मोगा से विधायक अमनदीप कौर ने कहा कि पहले सत्र आहूत करने की अनुमति दी गई लेकिन बाद में राज्यपाल ने इसे रद्द कर दिया। 

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मोहाली से विधायक कुलवंत सिंह ने भी राज्यपाल के कदम को ‘‘ लोकतंत्र की हत्या’’ करार दिया। गौरतलब है कि पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने विश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की योजना को बुधवार को विफल कर दिया। 

राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को विशेष सत्र आहूत करने के पिछले आदेश को वापस लेते हुए कहा कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजभवन से संपर्क कर कहा था कि सदन के नियमों के अनुसार इसकी अनुमति नहीं है।। राज्यपाल के अनुसार, इसके बाद कानूनी राय मांगी गई और सत्र आयोजित करने का फैसला वापस ले लिय गया। ‘आप’ सरकार ने विश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए विशेष सत्र आहूत करने की मांग की थी। इससे कुछ दिन पहले ही ‘आप’ ने भाजपा पर उसकी सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। 

विधानसभा का सत्र 27 सितंबर को होगा : मुख्यमंत्री भगवंत मान 
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को कहा कि विधानसभा का सत्र 27 सितंबर को आयोजित होगा। राज्य विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का फैसला राज्यपाल द्वारा वापस लिए जाने के बाद राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मान ने कहा, ‘‘ आज यहां मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि विधानसभा का सत्र 27 सितंबर को आयोजित किया जाएगा ।’’ उन्होंने कहा कि इस सत्र में बिजली और पराली जलाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि विशेष सत्र आहूत करने का फैसला वापस लिए जाने के कदम को वह उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे। 

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गौरतलब है कि पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने विश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की योजना को बुधवार को विफल कर दिया।      राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को विशेष सत्र आहूत करने के पिछले आदेश को वापस लेते हुए कहा कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजभवन से संपर्क कर कहा था कि सदन के नियमों के अनुसार इसकी अनुमति नहीं है।। राज्यपाल के अनुसार, इसके बाद कानूनी राय मांगी गई और आयोजित करने का फैसला वापस ले लिय गया। 

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