Saturday, Jan 28, 2023
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punjab police constitutes 3-member sit to investigate chandigarh university case

पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय मामले की जांच के लिए गठित की 3 सदस्यीय SIT

  • Updated on 9/19/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में एक छात्रा द्वारा शौचालय में कई छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने के आरोपों की जांच के लिए सोमवार को तीन सदस्यीय एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जिसकी सभी सदस्य महिला हैं। पुलिस ने बताया कि भारतीय पुलिस सेवा की वरिष्ठ अधिकारी गुरप्रीत कौर देव की निगरानी में एसआईटी का गठन किया गया है। 

पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि टीम मामले की गहन जांच करेगी और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जांच पूरी गति से चल रही है।' इस मुद्दे को लेकर पंजाब के मोहाली में शनिवार रात विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन हुए। कुछ छात्रों ने यह भी दावा किया कि छात्रा द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो लीक भी हो गए हैं। उन्होंने वार्डन पर बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया। हालांकि, विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने इन आरोपों को Þगलत और निराधारÞ बताते हुए खारिज किया है।

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     पुलिस ने यह भी कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वीडियो बनाने वाली छात्रा ने अपने 23 वर्षीय 'प्रेमी' के साथ केवल अपना एक वीडियो साझा किया तथा किसी अन्य छात्रा का कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला।  इसने कहा कि संबंधित छात्रा को कुछ ही देर में गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उसके कथित प्रेमी को रविवार को हिमाचल प्रदेश से पकड़ा गया। पुलिस ने कहा कि रविवार शाम पर्वतीय राज्य से 31 वर्षीय एक अन्य व्यक्ति को भी पकड़ा गया और इसके बाद दोनों को पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया गया।  

पुलिस ने कहा कि तीनों आरोपियों को सोमवार को मोहाली के खरड़ की एक अदालत में पेश किया जाएगा और गिरफ्तार छात्रा का मोबाइल फोन फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए जब्त कर लिया गया है।  मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विवेक शील सोनी ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के आश्वासन के बाद, छात्रों ने बीती रात लगभग डेढ़ बजे अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। विश्वविद्यालय ने इसके बाद 24 सितंबर तक 'गैर-शिक्षण दिवस' की घोषणा की, जिसके बाद कई छात्रों को अपने घरों को लौटते देखा गया। कुछ अभिभावक भी परिसर से अपने बच्चों को वापस ले गए।   

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      विश्वविद्यालय ने लापरवाही के आरोप में दो वार्डन को भी निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय के सूत्रों ने कहा कि छात्रावास के समय जैसे कुछ मुद्दों को हल करने के लिए विद्याॢथयों और वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है। यह कदम विद्याॢथयों के शौचालय क्षेत्र में अधिक गोपनीयता और छात्रावास के समय में छूट की मांग के बाद उठाया गया है।  विश्वविद्यालय ने एक ट््वीट में कहा कि वह अपने विद्याॢथयों के साथ खड़ा है। विश्वविद्यालय की तरफ से कहा गया, 'हम हमेशा अपने छात्र-छात्राओं के साथ हैं, चाहे वह उनकी शैक्षणिक आकांक्षाएं हों या उनकी सुरक्षा और कल्याण। हम अपने छात्रों के प्रति इस प्रतिबद्धता को पूरा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।' इस बीच, पंजाब के पुलिस महानिदेशक ने लोगों और छात्रों से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया।  

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    उन्होंने कहा, 'मैं छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और समुदाय को बड़े पैमाने पर दो आश्वासन देना चाहता हूं - पहला, हम सभी व्यक्तियों की गोपनीयता और गरिमा का सम्मान करेंगे। दूसरा, हम पूरी तरह से जांच करेंगे और जो भी इसमें शामिल होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा...।' अधिकारी ने कहा, 'मैं सभी से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करना चाहता हूं। सोशल मीडिया पर बहुत सारी सामग्री प्रसारित की जा रही है, जो कभी-कभी असत्यापित और अपुष्ट होती है। इसलिए, मैं कहूंगा कि जानकारी के लिए प्रामाणिक चैनल देखें। सभी समाज के सदस्यों के रूप में हम सभी का कर्तव्य है कि हम शांति और सछ्वाव बनाए रखें।' पुलिस ने कहा कि मामले में भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है।     

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