Tuesday, Oct 04, 2022
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पंजाबः चक्काजाम के दौरान लहराया 'भिंडरावाले' का पोस्टर, छिड़ा विवाद 

  • Updated on 2/6/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अभी हाल ही में विदेशी ताकतों के देश में चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन करने पर बहस छिड़ी हुई है। इसी कड़ी में आज आंदोलन के द्वारा आहुत चक्का जाम का मिला-जुला असर देखने को मिला। वहीं लुधियाना में चक्का जाम के दौरान भिंडरावाले के पोस्टर लहराये गए। जिससे एक बार फिर आंदोलन को गलत दिशा में ले जाने की नाकाम कोशिश की साजिश का पर्दाफाश हुआ है।

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बता दें कि आज हुए चक्का जाम से उत्तरप्रदेश,उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर को बाहर रखा गया। वहीं चक्का जाम के बाद राकेश टिकैत ने सरकार को कृषि कानून वापस करने और MSP पर कानून बनाने की मांग दोहराई। यहां यह बताना जरुरी है कि गणतंत्र दिवस के दिन भी हुए ट्रैक्टर परैड में दिल्ली स्थित आईटीओ और लालकिला में जिस तरह से हुड़दंग मचाया गया,उससे आंदोलन को ही धक्का पहुंचा। इसके बाद ेक बार फिर चक्का जाम में भिंडरावाले के पोस्टर दिखने से आंदोलन को भटकाने की साजिश सामने आई है।

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मालूम हो कि इससे पहले किसान आंदोलन को विदेशी हस्तियों ने भी अपना समर्थन किया है। जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग से लेकर गायिका रिहाना और मीना हैरिस तक ने आंदोलन पर भारत को नसीहत दे डाली है। जिसके जवाब में भारत के पूर्व क्रिकेटेर सचिन तेंदुलकर,विराट कोहली,लता मंगेशकर,अक्षय कुमार,अजय देवगन ने मोर्चा खोला है। वहीं ग्रेटा थनबर्ग के टूलकिट का पोल तब खुल गया जब इसके पीछे खालिस्तानी कनेक्शन सामने आया। दरअसल पीस फॉर जस्टिस नाम की संस्था ने ही एक टूलकिट बनाया,जिसे ग्रेटा ने शेयर किया था। हालांकि सच्चाई जानने के बाद ग्रेटा ने अपने पोस्ट को डिलीट कर दिया। पीस फॉर जस्टिस के सह संस्थापक  मो धालिवाल है जो भारत विरोधी छवि के लिये जाने जाते है।

 

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