Monday, Nov 18, 2019
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SC की फटकार ने बाद भी कोई असर नहीं, पंजाब में अब भी उठ रहा पराली का धुआं

  • Updated on 11/7/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। साफ मौसम और हवा की रफ्तार बढ़ने से दिल्ली (Delhi) में प्रदूषण बेशक कम हो रहा है लेकिन पंजाब में आज भी पराली  जलाई (Stubble Burning) जा रही है। पिछले हफ्ते दिल्ली में प्रदूषण (Pollution) के चलते लोगों का जीना मुश्किल हो गया था जिसकी प्रमुख वजह हरियाणा (Haryana) और पंजाब (Punjab) के किसानों द्वारा खेतों में फसल कटने के बाद जलाई जा रही पराली थी। 

दिल्ली में स्थिति इतनी बदतर हो गई थी कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने 5 नवंबर तक स्कूल बंद कर दिए थे। इन सबके बाद भी पंजाब में पराली जलाना जारी है जबकि इस पर रोक लगी हुई है। पराली जलाने वाले ऐसे लोगों में से कई पर जुर्माना लगाया गया है जबकि अन्य पर मामले दर्ज किये गए हैं। लुधियाना (Ludhiana) के तलवाड़ा गांव में आज भी पराली जलाया जा रही है।

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पराली जलाने के मामले में पंजाब में 25 फीसदी बढ़ोतरी
पंजाब में धान कटाई के मौसम में अभी तक पराली जलाने की घटनाओं में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि इसके पड़ोसी राज्य हरियाणा में मामूली गिरावट देखी गई है। कृषि प्रधान राज्यों में किसानों द्वारा पराली जलाना जारी है जबकि इस पर रोक लगी हुई है। पराली जलाने वाले ऐसे लोगों में से कई पर जुर्माना लगाया गया है जबकि अन्य पर मामले दर्ज किए गए हैं। 

यद्यपि कृषि और प्रदूषण नियंत्रण विभागों के अधिकारी इस मौसम में पराली जलाने की संख्या में कमी होने को लेकर आशांवित हैं। सरकारी एजेंसी ‘सफर’ ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण में पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की हिस्सेदारी शुक्रवार को बढ़कर 46 प्रतिशत हो गई। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि पंजाब में अभी तक पराली जलाने के कुल 22,137 मामले सामने आये हैं। तरण तारण जिले में 2,614 मामले सामने आए हैं। 

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दिल्ली प्रदूषण का बड़ा कारण है पराली जलाना
बता दें कि दिल्ली में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण का बड़ा कारण पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने को माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने के कारण नवंबर के महीने में दिल्ली में प्रदूषण बढ़ जाता है। इसके लिए केजरीवाल सरकार कई बार आवाज भी उठा चुकी है। वहीं प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने अपने स्तर पर भी कई प्रयास किए हैं। फिर चाहे वो ऑड-इवन नियम लागू करना हो या दिवाली पर लेजर शो का आयोजन करना।

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सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी सरकार को फटकार
दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बढ़ रहे प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि अब स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। केंद्र और दिल्ली सरकार (Delhi Government) के नाते आपने इसको रोकने के लिए क्या करने का सोचा है? वहीं सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब (Punjab) और हरियाणा सरकार से भी पराली जलाने पर रोक लगाने को लेकर सवाल किया। 

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प्रदूषण इसी प्रकार से बढ़ता रहा तो हम जी नहीं सकेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर प्रदूषण इसी प्रकार से बढ़ता रहा तो हम लोग जी नहीं सकेंगे। केंद्र और राज्य दोनों को मिलकर इसके लिए कमद उठाने होंगे। अब बहुत हो चुका। दिल्ली का कोई कोना प्रदूषण की मार से अछूता नहीं है। इस बढ़ते प्रदूषण के कारण हम अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण साल खोते जा रहे हैं।

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