अगले साल से OPEC का सदस्य नहीं रहेगा कतर, इस वजह से छोड़ेगा सदस्यता

  • Updated on 12/3/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कतर ने खुद को ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज(ओपेक) से अलग करने का फैसला किया है। वहां के ऊर्जा मंत्री साद अल काबी ने सोमवार को इस बाबत घोषणा की। उन्होंने कहा कि गैस उत्पादन पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देने के लिए हमने यह फैसला लिया है।

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मीडिया में आई खबरों के मुताबिक कतर अगले महीने जनवरी 2019 में खुद को ओपेक की सदस्यता से अलग कर लेगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कतर तेल का उत्पादन करना लगातार जारी रखेगा और गैस के उत्पादन पर भी ध्यान देगा।
आपको बता दें कि तरल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन करने में कतर शीर्ष देशों में शामिल है।

उसके पास तेल व गैस के पर्याप्त भंडार हैं। हालांकि उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि उनके पास तेल के सीमित श्रोत हैं जबकि गैस का पर्याप्त मात्रा में भंडार है। कतर 1961 में ओपेक में शामिल हुआ था। ओपेक 14 पेट्रोलियम उत्पादक देशों का समूह है जिसका मुख्यालय विएना में है।

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कतर के अलावा अल्जीरिया, अंगोला, ईक्वाडोर, इरान, ईराक, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, नाइजीरिया, लीबिया और वेनेजुएला, गवोन, इक्वाटोरियल ज्यूनिया इस संगठन के सदस्य हैं। 

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