Tuesday, Jun 22, 2021
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बॉयोमैट्रिक व हस्ताक्षर से राशन वितरण को कोटाधारकों ने किया इंकार

  • Updated on 5/7/2021

नई दिल्ली, 7 मई (अनामिका सिंह): राजधानी में राशन वितरण करना कोटाधारकों के लिए जी का जंजाल बन गया है। यदि वो राशन वितरण करने से हाथ खडा करते हैं तो विभाग उनकी खबर लेगा और यदि बांटते हैं तो कोरोना संक्रमित होने के चांस बढ जाते हैं। ऐसे में कोटाधारक अब अपने-अपने सर्किल कार्यालयों में लिखित पत्र लिखकर बॉयोमैट्रिक व हस्ताक्षर से राशन वितरण ना करने की बात फूड एंड सप्लाई ऑफिसर (एफएसओ) को कह रहे हैं।

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बता दें कि राजधानी में करीब 2000 से अधिक राशन की दुकानें हैं जिनसे 17 लाख से अधिक राशनकार्ड लिंक है और 72 लाख से अधिक जरूरतमंद सरकारी राशन का लाभ ले रहे हैं। औसतन प्रत्येक राशन की दुकान पर 700 से 800 राशन कार्ड लिंक हैं। ऐसे में यदि बॉयोमैट्रिक यानि ई-पोस के जरिए राशन वितरित किया जाता है तो कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ सकती है। कोटाधारकों का कहना है कि यदि पैन से हस्ताक्षर करवाया जाता है और कैश मैमो काटा जाता है तब भी संक्रमण बढने के चांस बहुत ज्यादा हैं।

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मालूम हो कि दिल्ली के कोटाधारक पिछले डेढ साल से बिना अवकाश के लगातार राशन वितरित कर रहे हैं। राशन वितरण के दौरान दर्जनों कोटाधारक व सहायक कोरोना वायरस की चपेट में अभी तक आ चुके हैं और उनसे परिजनों तक को जान का खतरा हो चुका है। यही नहीं करीब आधा दर्जन से अधिक कोटाधारकों व सहायकों को कोरोना संक्रमण के चलते अपने जान से हाथ धोना पडा है। बावजूद इसके अभी तक किसी भी कोटाधारक या उसके सहायक को फ्रंट लाइन फाइटर घोषित नहीं किया गया है जिसकी मांग लंबे समय से दिल्ली सरकारी राशन डीलर्स संघ (डीएसआरडीएस) कर रही है।

देरी के चलते कोटाधारकों को करना पडेगा भीड का सामना: डीएसआरडीएस
डीएसआरडीएस के सचिव सौरभ गुप्ता ने कहा कि इस बार राशन वितरण में देरी होगी क्योंकि राजधानी की सभी दुकानों पर रेगुलर तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का 100 फीसदी राशन नहीं पहुंच पाया है ऐसे में कोटाधारकों को दोगुना राशन वितरण की अनुमत्ति मिलते ही भीड का सामना करना पडेगा। वहीं इस बार सिविल डिफेंस वालंटियर को भी सहायता हेतु राशन दुकानों पर तैनात नहीं किया गया है, ऐसे में सोशल डिस्टेंस का पालन करवाना भी बहुत मुश्किल होगा। हमारी मांग है कि राशन वितरण के दौरान कोटाधारक द्वारा राशनकार्डधारी का मोबाइल नंबर अंकित किया जाए ना कि हस्ताक्षर।

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