Monday, Apr 23, 2018

राहुल की ताजपोशी का रंग फीका कर गया गुजरात चुनाव का एग्जिट पोल

  • Updated on 12/15/2017

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव के आए एग्जिट पोल के बाद राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल मची है। इस पोल में कांग्रेस को मिली हार को जहां एक तरफ लोग 16 दिसंबर को होने वाली ताजपोशी से जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के सूत्रों ने ये साफ कर दिया है कि इस एग्जिट पोल का राहुल की ताजपोशी पर कोई भी असर नहीं पड़ेगा और ना ही राहुल को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने के कार्यक्रम में कोई भी फेरबदल नहीं किया जाएगा।

भले ही राहुल की ताजपोशी 16 दिसंबर को ही की जा रही हो लेकिन ये बात साफ है कि एग्जिट पोल के नतीजों ने इस ताजपोशी के रंग को फीका कर दिया है और कहीं न कहीं कांग्रेस में मायूसी सी छा गई है।

ये हैं एग्जिट पोल के नतीजे
गुजराज चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बाद हुए एग्जिट पोल में कांग्रेस को बुरी खबर मिली। इन पोल्स के मुताबिक इन चुनाव के नतीजों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ सकता है। एग्जिट पोल्स के इन नतीजों के मुताबिक गुजरात में हुए चुनाव के नतीजों में गुजरात 100 से ज्यादा सीटों से जीत सकती है।

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कांग्रेस नेताओं का ये है कहना
एग्जिट पोल्स के आए नतीजों में मिली हार के बाद गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया का कहना है कि 'ये सभी अटकलें गलत हैं। पार्टी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 16 दिसंबर को राहुल गांधी पार्टी की कमान संभाल लेंगे। हमने जो कहा हम उसके लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें जीत का पूरा भरोसा है। राहुल जी की अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति पहले से तय कार्यक्रम के हिसाब से की जा रही है, इसका चुनाव के नतीजों से कुछ लेना-देना नहीं है।'

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राहुल गांधी की ताजपोशी के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्हें गुजरात में सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है इसलिए 16 दिसंबर को होने वाली राहुल की ताजपोशी के कार्यक्रम में कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही एक कांग्रेसी नेता का कहना है कि कई बार एग्जिट पोल्स गलत भी साबित होते हैं, गुजरात में कांग्रेस के पास 43 सीटें हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस संख्या में अच्छा इजाफा होगा।

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राहुल गांधी को चुनाव में मिलने वाली हार की शर्मिदगी से बचाने के लिए बनाया जा रहा अध्यक्ष?
जब मध्य प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले एक कांग्रेस नेता से ये पूछा गया कि क्या राहुल गांधी को चुनाव में मिलने वाली हार की शर्मिंदगी से बचाने के लिए अध्यक्ष बनाया जा रहा है तो उनका कहना था कि 'राहुल गांधी ने इस गुजरात में चुनाव प्रचार का नेतृत्व किया है और पूरा गेम बदलकर रख दिया। राहुल की वजह से ही प्रधानमंत्री मोदी को गुजरात में 36 सभाएं करने को मजबूर होना पड़ा। हमें जीत की पूरी उम्मीद है। इसका पूरा श्रेय राहुल गांधी को जाता है और गुजरात में हमारी जीत से उनका नेतृत्व और मजबूत होगा।'

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16 दिसंबर को इसलिए होने वाली है राहुल गांधी की ताजपोशी
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के ही एक सीनियर पदाधिकारी का कहना है कि एग्जिट पोल्स हैरान करने वाले हैं। उन्होंने राहुल गांधी की ताजपोशी के बारे में बताते हुए कहा कि 'पार्टी राहुल गांधी को 16 दिसंबर को औपचारिक तौर पर यह सोचकर अध्यक्ष बनानी चाहती थी कि उसके दो दिन बाद आने वाले नतीजों में जीत मिलेगी और उसका श्रेय पार्टी अध्यक्ष को जाएगा, लेकिन हो सकता है कि हम गलत साबित हों।'

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विरोधी पार्टियों का ये है कहना
एग्जिट पोल्स के नतीजे आते ही विरोधी पार्टियों ने राहुल गांधी पर हमला करना शुरू कर दिया है। राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि राहुल गांधी का 'मंदिर पर्यटन' और हार्दिक के कंधे पर सवार होने की रणनीति फ्लॉप हो गई है। वहीं दूसरी तरफ एक पूर्व कांग्रेस विधायक ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना करते हुए कहा कि 'अब कांग्रेस राहुल गांधी का बचाव करने के लिए दिन-रात काम में जुट जाएगी और बलि का बकरा ढूंढा जाएगा। यह कांग्रेस का पुराना काम है।' 

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