Wednesday, Dec 08, 2021
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क्या PM मोदी को घेरने के चक्कर में देश की साख को ताक पर रख देते हैं राहुल बाबा! पढ़ें विस्तार से

  • Updated on 8/23/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी फिलहाल जर्मनी दौरे पर है। वहां उन्होंने हैम्बर्ग स्थित बूसेरियस समर स्कूल में लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर अपने विचार रखे साथ ही मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। हालांकि इस दौरान उनसे श्रोताओं ने सवाल भी किये। उनसे लोकसभा में पीएम मोदी को गले लगाने को लेकर भी सवाल किया गया जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अहिंसा भारत का दर्शन है और भारतीय होने का सार है। मेरे खिलाफ पीएम मोदी नफरत फैलाने वाली टिप्पणियां कर रहे हैं। मैने बस उनके प्रति स्नेह दिखाया। 

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 राहुल ने नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक पर मोदी सरकार को घेरा। राहुल ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी ने एमएसएमई के नकद प्रवाह को बर्बाद कर दिया। सरकार के इस फैसले से नौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोग बेरोजगार हो गए। बड़े संख्या में छोटे व्यवसायों में काम करने वाले लोगों को वापस अपने गांव लौटना पड़ा। 

जर्मनी में राहुल के बोल 

-राहुल गांधी ने कहा कि भारत में रोजगार की समस्या बड़ी है, लेकिन प्रधानमंत्री को यह कहने से गुरेज है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसी समस्या के हल के लिए उसे स्वीकार करना पड़ता है।

-राहुल ने कहा कि कुछ साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में नोटबंदी का फैसला किया  और एमएमई के नकद प्रवाह बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि दलितों, आदिवासियों व अल्पसंख्यकों को अब सरकार से कोई लाभ नहीं मिलता। उनको फायदा देने वाली सारी योजनाओं का पैसा चंद बड़े कॉर्पोरेट के पास जा रहा है। 

- रोजगार गारंटी योजना, भोजन का अधिकार, सूचना का अधिकार, बैंकों का राष्ट्रीयकरण ये कुछ ऐसे विचार थे, जो सभी सरकारें करना चाहती हैं, लेकिन अब ये विचार काफी हद तक नष्ट हो गए हैं।

-महिलाओं की भागीदार पर राहुल ने कहा कि अगर हम महिलाओं को शामिल नहीं करते हैं तो देश का निर्माण नहीं कर सकते। भारतीय पुरुषों को महिलाओं को अपने बराबर देखना होगा। 

-राहुल ने आगे कहा, '1991 में मेरे पिता को आतंकियों ने मार डाला था। जब कुछ साल बाद उस आतंकवादी की मृत्यु हो गई, तो मैं खुश नहीं हुआ। मैंने खुद को उसके बच्चों में देखा। मैंने हिंसा को झेला है और मैं आपको बता सकता हूं, कि इससे निकलने का एकमात्र तरीका है - माफ करना। माफ करने के लिए आपको यह समझना होगा कि ये कहां से आ रही है। 

-उन्होंने कहा कि आपस में जुड़ी दुनिया में आपको सुनना होगा कि दूसरे क्या कह रहे हैं और वे कहां से आ रहे हैं। मैं किसी व्यक्ति से लड़ सकता हूं और उससे असहमत हो सकता हूं। लेकिन, नफरत खतरनाक चीज है। यदि आप लोगों को गले नहीं लगाते और उन्हें कोई दृष्टि नहीं देते, तो कोई और ऐसा करेगा और हो सकता है कि वो विचार आपके लिए अच्छा न हो। 

-अमेरिका और चीन से भारत के संबंधों पर राहुल ने कहा कि अमेरिका के साथ भारत के सामरिक संबंध हैं और हम उनके साथ लोकतंत्र जैसे कुछ विचार साझा करते हैं। लेकिन चीन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। भारत की भूमिका इन दो शक्तियों को संतुलित करने की है। भारत और चीन के बीच कोई होड़ नहीं है। हो सकता है कि चीन भारत की तुलना में तेज़ी से बढ़ रहा हो, लेकिन भारत में लोग जो चाहते हैं वो व्यक्त कर सकते हैं, और यही मायने रखता है। 

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विदेश जाते ही क्यों बदल जाते है राहुल के सुर 

ऐसे में सवाल ये है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आत्मज्ञान विदेशी धरती पर ही क्यों होता है। इस पर राजनीति सलाहकारों का कहना है कि जिस तरह के राहुल गांधी ने देश के अंतरिक मामलों को विदेश में जाकर उठाया है ये बिलकुल ही गलत है। हमारे देश में ऐसा प्रावधान नहीं है कि आप बाहर जाकर देश के मुद्दे उठाए। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने के साथ विपक्ष का नेता होने के साथ ये जिम्मेदारी होती है कि आप बाहर जाकर देश पर सवाल ना उठाए।

देश में रहकर आपके पास पूरा हक है कि आप सरकार ने जो सवाल करना चाहते है आप कर सकते है। ऐसा करने से विदेशी देशों के साथ जो भारत के संबंध है ना सिर्फ उसपर असर पड़ेगा बल्कि दुनियाभर में हमारे देश की जो साख है उसपर भी असर पड़ेगा।  

राहुल के भाषण पर बीजेपी का जवाब 

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, 'हैम्बर्ग में हुए कार्यक्रम में राहुल गांधी ने 23 देशों के प्रतिनिधियों के सामने कई विषयों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने आईएसआईएस की स्थापना को सही ठहराने का भी प्रयास किया। संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने विदेश में देश का मान घटाया है। ऐसा करने के लिए राहुल को माफ नहीं किया जाएगा। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने सीरिया में नौकरियों की कमी की वजह से आईएसआईएस बना। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी भारत को कोई विजन नहीं दे पाए तो कोई और (आईएसआईएस) यह काम करेगा। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने आईएसआईएस की स्थापना को सही ठहराते हुए उनके कृत्यों को भी एक बहाना दिया है। 

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बीजेपी का राहुल से सवाल 

संबित पात्रा ने कहा कि पिछले 70 सालों से देश में ापके परिवार की सरकार थी उन्होंने देश को क्या निजन दिया? उन्होंने आगे कहा कि  राहुल गांधी देश के सांसद हैं, देश की प्रमुख पार्टी के मुखिया हैं, ऐसे में वह विदेश में देश का अपमान करते हैं। राहुल गांधी को इसके लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल को देश की असली क्षमता की पहचान ही नहीं है। पात्रा ने कहा कि राहुल ने अपने भाषण में देश की संस्कृति का अपमान किया है। 

क्या विदेश से 2019 चुनाव के लिए जमीन तैयार कर रहे है राहुल 

गुजरात में कुछ महीने पहले होने वाले विधान सभा चुनाव के लिए कांग्रेस का अभियान भी राहुल गांघी ने अमेरिका यात्रा के दौरान ही शुरू किया था। तब अमेरिका में सभा को संबोधित करते हुए राहुल ने रोजगार को लेकर देश के चुवा वर्ग में बढ़ रहे असंतोष की बात की थी। राहुल की इस सभा के बाद भी सवाल उठा था कि उन्होंने देश की आंतरिक समस्याओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर क्यों उठाया। 

महज इत्तेफाक ही है कि 2019 का लोकसभा चुनाव कुछ महीने दूर है और राहुल ने आतंकवाद जैसे संवेदनशील मसले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया है। 

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