Monday, Jun 27, 2022
-->
rahul gandhi congress targets adani ambani through farmers protests bandh rkdsnt

राहुल गांधी ने किसानों के भारत बंद के जरिए साधा अदानी-अंबानी पर निशाना

  • Updated on 12/7/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों के भारत बंद के जरिए अदानी-अंबानी पर निशाना साधा है। अपने ट्वीट में उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार के कृषि कानूनों को अदानी-अंबानी के कानून करार दिया है। अपने ट्वीट में वह लिखते हैं, '8 दिसंबर को किसान क्रांति के समर्थन में शांतिपूर्ण भारत बंद है। हम इसका पूर्ण रूप से समर्थन करेंगे। देश के अन्नदाता से अत्याचार और अन्याय असहनीय है। ‘अदानी-अंबानी कृषि क़ानून’ वापस लो!'

गैस मूल्य निर्धारण में नए प्रावधानों से रिलायंस, अन्य कंपनियों की होगी बल्ले-बल्ले!

कांग्रेस ने किसान संगठनों की ओर से आहूत ‘भारत बंद’ से एक दिन पहले सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के मन की बात सुननी चाहिए और कृषि से संबंधित ‘काले कानूनों’ को वापस लेना चाहिए। पार्टी ने यह भी कहा कि ‘भारत बंद’ के दिन अगर लोगों को कोई असुविधा होती है तो इसके लिए जिम्मेदार केंद्र सरकार है। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को कृषि कानूनों को रद्द करना होगा और इससे कम, कुछ भी मंजूर नहीं होगा। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘8 दिसंबर को किसान क्रांति के समर्थन में शांतिपूर्ण भारत बंद है। हम इसका पूर्ण रूप से समर्थन करेंगे। देश के अन्नदाता से अत्याचार और अन्याय असहनीय है।’’ 

कांग्रेस का किसानों के ‘भारत बंद’ को समर्थन, देशभर में करेगी प्रदर्शन

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश का किसान राजनीतिक दायरे से ऊपर उठकर एकजुट है। हरित क्रांति में नेतृत्व की भूमिका निभाने वाले पंजाब ने खेती के व्यापारीकरण के खिलाफ क्रांति की है। हमें गर्व है कि कांग्रेस किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।’’ 

 उन्होंने दावा किया, ‘‘इस कानून की मूल भावना ही सवालों के घेरे में है। दाल में काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। आज किसानों की परीक्षा नहीं है, बल्कि सरकार की परीक्षा है कि क्या वह सबको साथ लेकर चल सकती है?’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर भाजपा सरकार के लोग किसानों की बात नहीं सुनने चाहते हैं तो उन्हें आरएसएस से जुड़े संगठनों स्वदेशी जागरण मंच और भारतीय किसान संघ की बात सुननी चाहिए। 

मोदी सरकार ने किसानों के ‘भारत बंद’ के लिए राज्यों को जारी किया देशव्यापी परामर्श

उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री से आग्रह करना चाहते हैं कि इस मामले का जल्द से जल्द हल निकाला जाए। सरकार अहंकार छोड़कर किसानों के मन की बात सुने और इन काले कानूनों को वापस ले।’’ जाखड़ ने यह भी कहा कि इस मामले पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। उधर, पंजाब से जुड़े कई कांग्रेस सांसदों ने कृषि कानूनों के खिलाफ और प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने किसान संगठनों की ओर से आठ दिसंबर को आहूत ‘भारत बंद’ का समर्थन किया है।

इंदौर में विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे दिग्विजय सिंह 
राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह मंगलवार को ‘भारत बंद’ के दौरान मध्य प्रदेश की आॢथक राजधानी इंदौर में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव ने सोमवार को बताया कि सिंह बंद के दौरान शहर की छावनी अनाज मंडी में पार्टी के प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान केंद्र के नए कृषि कानूनों को लेकर विरोध जताया जाएगा। 

सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के आधारशिला समारोह की दी इजाजत

शहर के प्रमुख कारोबारी संगठनों ने हालांकि ‘भारत बंद’ को खुलकर समर्थन नहीं दिया है। लेकिन बंद की पूर्व संध्या पर सोमवार को यहां रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी गई।      राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रवक्ता आशीष भैरम ने बताया कि उनका संगठन ‘भारत बंद’ के दौरान शहर में रैली निकालकर व्यापारियों से अनुरोध करेगा कि वे किसानों के हितों के समर्थन में मंगलवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में ‘भारत बंद’ के दौरान हालात पर पैनी नजर रखी जाएगी और किसी भी अप्रिय स्थिति से सख्ती से निपटा जाएगा।

 

 

यहां पढ़े कोरोना से जुड़ी बड़ी खबरें...

 

 

comments

.
.
.
.
.