Thursday, Aug 18, 2022
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rahul gandhi''''''''s statement case: tv anchor detained by up police instead of chhattisgarh

राहुल गांधी के बयान का मामला: टीवी एंकर को छत्तीसगढ़ की बजाए यूपी पुलिस ने लिया हिरासत में

  • Updated on 7/5/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को ‘‘गलत संदर्भ’’ में दिखाते हुए एक समाचार प्रसारित करने के मामले में टेलीविजन समाचार प्रस्तोता रोहित रंजन को उनके घर से गिरफ्तार करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस का एक दल मंगलवार सुबह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पहुंचा, लेकिन उन्हें नोएडा पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया। बाद में कोर्ट ने एंकर को जमानत दे दी। कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ की पुलिस निजी समाचार चैनल ‘जी न्यूज’ के प्रस्तोता रंजन के गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित घर पर तड़के पहुंची और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित उत्तर प्रदेश के नोएडा का पुलिस दल इसके कुछ घंटे बाद उनके घर पहुंचा।  नोएडा पुलिस के एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘एक जुलाई को रंजन के शो के दौरान प्रसारित हुए छेड़छाड़ वाले वीडियो को लेकर उनके चैनल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (सार्वजनिक शरारत करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी प्राथमिकी के संबंध में नोएडा सेक्टर 20 पुलिस थाने के एक दल ने उन्हें मंगलवार सुबह पूछताछ के लिए उनके घर से हिरासत में लिया।’’  

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इस बीच, रायपुर में पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने  बताया कि कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की शिकायत पर रविवार को रंजन और जी न्यूज के अन्य कर्मियों के खिलाफ विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।  यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जिस वीडियो में राहुल ने उनके वायनाड कार्यालय में तोड़-फोड़ करने वालों को बच्चे बताया था और कहा था कि उनके मन में उनके लिए कोई दुर्भावना नहीं है, उसे टीवी चैनल ने एक जुलाई को ‘‘शरारतपूर्ण ढंग से’’ इस्तेमाल किया और ऐसा दिखाया कि राहुल उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल के हत्यारों को माफ करने की बात कर रहे हैं।      रंजन के खिलाफ दर्ज शिकायत के मामले में उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों की पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए उनके घर पहुंच गई। इस बीच, गाजियाबाद पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि स्थानीय शहर की पुलिस इस मामले में शामिल नहीं है।  

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रंजन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य की पुलिस को टैग करते हुए ट््वीट किया, ‘‘छत्तीसगढ़ पुलिस स्थानीय पुलिस को जानकारी दिए बिना मुझे गिरफ्तार करने के लिए मेरे घर के बाहर खड़ी है, क्या यह कानूनन सही है? ’’  रायपुर पुलिस ने रंजन के ट््वीट के जवाब में कहा,‘‘ सूचित करने का कोई नियम नहीं है। इसके बावजूद, अब उन्हें सूचित कर दिया गया है। पुलिस दल ने आपको अदालत का गिरफ्तारी वारंट दिखाया है। आपको जांच में सहयोग करना चाहिए और अदालत में अपना बचाव करना चाहिए।’’  राहुल गांधी के बयान को ‘‘गलत संदर्भ’’ में दिखाने के मामले में रंजन के खिलाफ रायपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई, लेकिन उसने कहा कि उसने रंजन को गिरफ्तारी वारंट दिखाया और उनसे जांच में सहयोग मांगा।

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इससे पहले, रंजन ने अपने टीवी कार्यक्रम में गांधी के बयान को ‘‘गलत संदर्भ में’’ उदयपुर हत्याकांड से ‘‘गलती से’’ जोड़कर दिखाने के लिए दो जुलाई को माफी मांगी थी। रंजन ने ट््वीट किया था, ‘‘हमारे शो डीएनए में राहुल गांधी का बयान उदयपुर की घटना से जोड़कर गलत संदर्भ में चल गया था। यह एक मानवीय भूल थी, जिसके लिए हमारी टीम क्षमाप्रार्थी है। हम इसके लिए खेद जताते हैं।’ भाजपा नेताओं समेत कई लोगों ने गलत संदर्भ में दिखाए गए इस वीडियो का इस्तेमाल राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की नृशंस हत्या की घटना के मद्देनजर गांधी और कांग्रेस पर हमला करने के लिये किया था।  

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राहुल गांधी का वीडियो ‘‘गलत संदर्भ’’ में दिखाने के मामले में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और रायपुर, उत्तर प्रदेश के नोएडा और राजस्थान में कुछ जगहों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस विधायक यादव ने जी न्यूज के निदेशक, अध्यक्ष और इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ भी साम्प्रदायिक दंगे भड़काने और सामाजिक सछ्वाव को बिगाडऩे के इरादे से राहुल गांधी के खिलाफ फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया है।      

उप्र पुलिस ने जांच में जानबूझकर हस्तक्षेप किया: कांग्रेस 
कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राहुल गांधी के एक बयान को कथित तौर पर गलत तरीके से पेश करने के मामले के आरोपी टेलीविजन एंकर को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने जानबूझकर जांच में हस्तक्षेप किया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि संबंधित टेलीविजन एंकर की गिरफ्तारी का वारंट एक सक्षम न्यायालय द्वारा सार्वजनिक रुप से उपलब्ध तथ्यों के साथ किए गए आवेदन के आलोक में जारी किया गया था। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक आरोपी को बचाने के लिए चल रही जांच में जानबूझकर हस्तक्षेप किया है। उन्होंने गंभीर अपराधों के दोषी व्यक्ति को न्याय संगत जांच से बचाने के लिए बिना किसी कारण या स्पष्टीकरण के राज्य तंत्र को तैनात किया।’’ 

रमेश ने सवाल किया, ‘‘ ऐसा क्या रहस्य है, जिसके इस जांच के माध्यम से उजागर होने के डर से उनके राजनीतिक आकाओं के हाथ-पैर फूल गए हैं? क्या भाजपा यह दावा कर सकती है कि न्यायालयों का भी राजनीतिकरण हो गया है? भाजपा अगर आरोपियों को बचाने के लिए इतनी उत्सुक है, तो इसके लिए अदालत का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाती?’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘यह उत्तर प्रदेश पुलिस और उनके राजनीतिक आकाओं द्वारा न्यायालय के वारंट की स्वेच्छापूर्ण अवमानना का कृत्य है।’’ राहुल गांधी के बयान को ‘‘गलत संदर्भ’’ में दिखाते हुए एक समाचार प्रसारित करने के मामले में टेलीविजन समाचार एंकर रोहित रंजन को उनके घर से गिरफ्तार करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस का एक दल मंगलवार सुबह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पहुंचा, लेकिन उन्हें (रंजन को) नोएडा पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया। 

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