Wednesday, Apr 14, 2021
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rahul gandhi said modi govt to give farmers new year by ending all three black laws pragnt

New Year पर कांग्रेस की केंद्र को सलाह- 'काले कृषि कानूनों' को खत्म कर किसानों को दे सौगात

  • Updated on 12/30/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसान संगठनों का आंदोलन 35वें दिन भी जारी है। इस बीच कांग्रेस (Congress) ने किसान संगठनों और मोदी सरकार (Modi Government) के बीच नए दौर की बातचीत की पृष्ठभूमि को लेकर कहा कि केंद्र को तीनों 'काले कृषि कानूनों' को निरस्त कर किसानों को नए साल की सौगात देनी चाहिए।

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देश के किसान PM पर नहीं करते विश्वास
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर देश के किसान विश्वास नहीं करते। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री के पूर्व के कुछ बयानों का हवाला देते हुए ट्वीट किया, 'हर बैंक खाते में 15 लाख रुपए और हर साल दो करोड़ नौकरियां। 50 दिन दीजिए, नहीं तो.... हम कोरोना वायरस के खिलाफ 21 दिनों में युद्ध जीतेंगे। न तो कोई हमारी सीमा में घुसा है और न किसी चौकी पर कब्जा किया है।' उन्होंने कहा, 'मोदी जी के 'असत्याग्रह' के लंबे इतिहास के कारण उन पर किसान विश्वास नहीं करते।'

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राहुल का मोदी सरकार पर हमला
इससे पहले राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट कर देश में नौकरियों जाने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार से सवाल किया था। राहुल गांधी ने लिखा था, 'युवा पर बेरोजगारी की मार, जनता पर महंगाई का अत्याचार, किसान पर 'मित्रों' वाले कानूनों का वार, यही है मोदी सरकार।' अपने ट्वीट के साथ ही राहुल ने एक पोस्ट भी शेयर किया है। इसमें सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के कंज्यूमर पिरामिड हाउसहोल्ड सर्वे के आधार पर बताया गया है कि नवंबर, 2020 में देश में 35 लाख लोगों की नौकरियां छिन गईं। इस सर्वे में नौकरियों पर भारी संकट होने की बात है।

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अपना हठ छोड़े सरकार- कुमारी शैलजा
इसके अलावा हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कुमारी शैलजा (Selja Kumari) ने भी कहा, 'हम मांग कर रहे हैं कि सरकार अपना हठ छोड़े। तीनों काले कानून खत्म करें और इसके बाद नए सिरे से किसान मजदूर को नए साल की सौगात दें। सरकार के पास नयी शुरुआत का मौका है।' उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र और हरियाणा प्रदेश की भाजपा सरकारें जनता के बीच विश्वास खो चुकी है।

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कुमारी शैलजा ने लगाया बड़ा आरोप
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'हरियाणा में 10 से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है। हरियाणा की सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही है। बेहतर होता कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात करते और उन्हें जमीनी स्थिति से अवगत कराते।' शैलजा ने आरोप लगाया, 'सरकार कॉरपोरेट को गले लगाती है, लेकिन किसानों और गरीबों की नहीं सुनती। अगर खेती का निगमीकरण किया गया तो किसान भी जीएसटी और दूसरे करों के दायरे में आ जाएगा। इससे किसान का नुकसान होगा। इसका मतलब कि यह कुछ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास है।'

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प्रीतम सिंह ने किया दावा
वहीं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने दावा किया, 'इन तीनों काले कानूनों के विरोध में किसान लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन लगता है कि सरकार हठधर्मिता पर उतर चुकी है। गतिरोध तोड़ने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।' उन्होंने दावा किया कि इन कानूनों से सिर्फ किसानों को नुकसान नहीं होगा, बल्कि महंगाई बढ़ेगी तो देश के हर नागरिक का नुकसान होगा।

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