Saturday, Jan 22, 2022
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rahul gandhi said why is goi insulting the sacrifice of our jawans sohsnt

रक्षा मंत्री के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार, कहा- सरकार जवानों के बलिदान का क्यों कर रही है अपमान

  • Updated on 2/11/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बृहस्पतिवार को देश को अवगत कराया कि पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से सेनाओं को पीछे हटाए जाने को लेकर भारत और चीन के बीच सहमति बन गई है। ऐसे में अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandi) ने रक्षा मंत्री के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि 'स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है, और न ही शांति है। भारत सरकार हमारे जवानों के बलिदान का अपमान क्यों कर रही है?'

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इससे पहले राहुल ने ट्वीट कर कही ये बात
वायनाड सांसद ने इससे पहले पीएम मोदी के 'आंदोलनजीवी' शब्द पर पलटवार करते हुए ट्वीट कर लिखा, 'क्रोनी-जीवी है जो देश बेच रहा है वो।' बता दें कि पीएम मोदी द्वारा राज्य सभा में इस्तेमाल किए गए शब्द को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर हैं। विपक्षी नेता अलग-अलग शब्दों का इस्तेमाल कर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। 
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को देश को अवगत कराया कि पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से सेनाओं को पीछे हटाए जाने को लेकर भारत और चीन के बीच सहमति बन गई है। सिंह ने बताया कि पैंगोंग झील क्षेत्र में चीन के साथ सेनाओं को पीछे हटाने का जो समझौता हुआ है उसके अनुसार दोनों पक्ष अग्रिम तैनाती चरणबद्ध, समन्वय और सत्यापन के तरीके से हटाएंगे। राज्यसभा में दिए एक बयान में रक्षा मंत्री ने यह आश्वासन भी दिया कि इस प्रक्रिया के दौरान भारत ने 'कुछ भी खोया नहीं है।'

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भारत ने कुछ भी खोया नहीं- राजनाथ सिंह
उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के अन्य क्षेत्रों में तैनाती और निगरानी के बारे में 'कुछ लंबित मुद्दे’' बचे हैं।  उन्होंने कहा, 'इन पर हमारा ध्यान आगे की बातचीत में रहेगा।' सिंह ने कहा, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे रुख और अनवरत वार्ताओं के फलस्वरूप चीन के साथ पैंगोंग झील के उत्तर एवं दक्षिण किनारों पर सेनाओं के पीछे हटने का समझौता हो गया है।' उन्होंने कहा, 'इस बात पर भी सहमति हो गई है कि पैंगोंग झील से पूर्ण तरीके से सेनाओं के पीछे हटने के 48 घंटे के अंदर वरिष्ठ कमांडर स्तर की बातचीत हो तथा बाकी बचे हुए मुद्दों पर भी हल निकाला जाए।'

सेनाओं के पीछे हटने को लेकर हुई समझौता
रक्षा मंत्री ने कहा कि पैंगोंग झील क्षेत्र में चीन के साथ सेनाओं के पीछे हटने का जो समझौता हुआ है, उसके अनुसार दोनों पक्ष अग्रिम तैनाती को चरणबद्ध तरीके से हटाएंगे।  उन्होंने कहा, 'चीन अपनी सेना की टुकडिय़ों को उत्तरी किनारे में फिंगर आठ के पूरब की दिशा की तरफ रखेगा। इसी तरह भारत भी अपनी सेना की टुकडिय़ों को फिंगर तीन के पास अपने स्थायी ठिकाने धन सिंह थापा पोस्ट पर रखेगा।' उन्होंने कहा कि इसी तरह की कार्रवाई दक्षिणी किनारे वाले क्षेत्र में भी दोनों पक्षों द्वारा की जाएगी।  उन्होंने कहा, 'ये कदम आपसी समझौते के तहत बढ़ाए जाएंगे तथा जो भी निर्माण आदि दोनों पक्षों द्वारा अप्रैल 2020 से उत्तरी और दक्षिणी किनारों पर किया गया है, उन्हें हटा दिया जाएगा और पुरानी स्थिति बना दी जाएगी।'

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मालूम हो कि पिछले नौ महीने से पूर्वी लद्दाख में सीमा पर दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ है। इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए सितम्बर, 2020 से लगातार सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर दोनों पक्षों में कई बार बातचीत हुई। रक्षा मंत्री ने कहा कि सेनाओं को पीछे हटाने के लिए आपसी समझौते के तहत तरीका निकाले जाने को लेकर वरिष्ठ कमांडर स्तर की नौ दौर की बातचीत भी हो चुकी है। उन्होंने कहा इसके अलावा राजनयिक स्तर पर भी बैठकें होती रही हैं।       

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