Sunday, Dec 05, 2021
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कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल के लिए चुनौती होगी 'मिशन UP' से पार पाना

  • Updated on 12/10/2017

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राहुल गांधी जल्द ही कांग्रेस अध्यक्ष बनने वाले हैं। राहुल गांधी के कांग्रेस अध्‍यक्ष पद पर आसीन होने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती उत्‍तर प्रदेश में पार्टी को फिर से खड़ा करने की होगी।उत्‍तर प्रदेश में नेहरू, गांधी परिवार की सामाजिक और राजनीतिक धरोहर है, जो पांच पीढ़ियों से चली आ रही है। उनकी भी सियासी जमीन यहीं पर हैं और भविष्‍य के सवाल भी यहीं से जुड़े हैं, लिहाजा ‘मिशन उत्‍तर प्रदेश’ की उनके लिए बड़ी अहमियत होगी।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, उत्‍तर प्रदेश में राहुल के लिए चुनौती कांग्रेस को फिर से खड़ा करने की होगी। इसके साथ ही उन राज्‍यों में भी पार्टी को मजबूत करना होगा, जहां इस वक्त वह हाशिये पर है।

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राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई के मुताबिक ‘मंडल-कमंडल’ की राजनीति के उद्भव के बाद उत्‍तर प्रदेश में लगातार अपनी जमीन खोने वाली कांग्रेस ने इस सूबे में खुद को खड़ा करने के लिए हर तरह की कोशिश कर ली।
जरूरत इस बात की है कि या तो नेता अवाम का मिजाज बदले या फिर अवाम के जज्‍बात को समझकर अपना एजेंडा बदले। राहुल में इस वक्‍त ये दोनों ही चीजें उस दर्जे की नहीं हैं, जो जवाहर लाल नेहरू या इंदिरा गांधी में थीं।

उन्होंने कहा कि यह बात भी सच है कि नेता वक्‍त के साथ सीखता है। जिस तरह नेहरू हवा के विपरीत रुख अख्तियार करने की हिम्‍मत रखते थे। उसी तरह इंदिरा गांधी ने हिंदुस्तानियों के जज्‍बात को समझकर बांग्‍लादेश बनवाया।

राहुल के सामने वही करिश्‍माई नेत़ृत्‍व देने की चुनौती है। किदवई ने कहा कि कांग्रेस के सामने उत्‍तर प्रदेश में संगठन के स्‍तर पर भी बड़ी चुनौतियां हैं।

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राजनीतिक जानकार सुभाष गताडे का भी मानना है कि कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल के सामने सबसे बड़ी चुनौती उत्तर प्रदेश होगी। राहुल को यहां पार्टी संगठन को मजबूत करने और पार्टी के लिए जनता के दिल में जगह बनाने की काफी कोशिश करनी होगी।

उन्होंने कहा कि राहुल ने गुजरात में जिस तरह भाजपा के चुनाव अभियान का नई रणनीति के साथ जवाब दिया कुछ ऐसा ही कांग्रेस में करना होगा। अगले लोकसभा चुनाव में यह भी मुख्य मुद्दा होगा कि मोदी को कौन सा राजनेता चुनौती दे रहा है और जमीनी स्तर पर उसकी हैसियत क्या है, इस लिहाज से राहुल को मोदी के मुकाबले के लिए खुद को तैयार करना होगा।

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