राजकपूर की 'राम तेरी गंगा मैली' को हुए 33 साल पूरे, पढ़ें फिल्म से जुड़ी कुछ मजेदार बातें

  • Updated on 7/24/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राज कपूर को भारतीय सिनेमा का 'शो मैन' कहा जाता था, पर क्या आपने ऐसा सोचा है कि ऐसा सिर्फ उन्हें ही क्यों कहा जाता था? क्योंकि उस दौर में उनके फिल्में समाज पर एक गहरी छाप छोड़ती थी। वह अपनी फिल्मों से समाज की हकीकत से लोगों को रुबरु कराते थे और एेसी ही उनकी एक फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' है जिसके बेमिसाल 33 साल कल पूरे हो जाएंगे। आइए जानते है शो मैन और उनकी इस फिल्म से जुड़े कुछ अनसुने किस्से।

1985 में नहीं बल्कि 1959 में बनी थी यह फिल्म 

ये बात थोड़ी हैरान कर देने वाली जरुर है लेकिन राज कपूर ने फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' को 1959 में ही बना लिया था। दरअसल, साल 1959 में राज कपूर एक फिल्म बना रहे थे 'जिस देश में गंगा बहती है' उस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही उन्होंने फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' का आइडिया अपने दिमाग में बना लिया था, जिसे 26 साल बाद राजकपूर ने इस आईकॉनिक फिल्म को पर्दे पर उतारा। 

Navodayatimesविवादों में घिरी थी फिल्म

साल 1985 में आई फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' उस साल की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म थी। फिल्म के गाने, कहानी, और स्टारकास्ट हर किसी को फिल्म के लिए सराहा गया था, लेकिन फिल्म को कई विवादों का सामना भी करना पड़ा, जिसका कारण था फिल्म में मौजूद दो बोल्ड सीन।

Navodayatimesपहला जहां मंदाकिनी को झरने के पास सफेद साड़ी में नहाते दिखाया गया था और दूसरा सीन बच्चे को स्तनपान कराने का था। मंदाकिनी के इन दोनों सीन्स पर रातों रात बॉलीवुड में तहलका मच गया था, जिसकी काफी आलेचना भी हुई। इन सबके बावजूद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रेस्पांस हासिल किया और साथ ही 5 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स अपने नाम किए।

राज कपूर को आखिर क्यों था सफेद साड़ी से Obsession

चाहे इसे लकी चार्म कहो या कोई जादू, पर राज कपूर की फिल्म में लीड एक्ट्रेस एक बार तो सफेद साड़ी में जरुर नजर आती थीं। ऐसे ही फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' में मंदाकिनी भी सफेद साड़ी में नजर आई थी।

Navodayatimesऐसा राज कपूर इसलिए करते थे क्योंकि एक बार उन्होंने अपनी पत्नी कृष्णा को एक सफेद साड़ी तोफहे में दी। जब कृष्णा वो साड़ी पहन कर आईं तो राज कपूर को वो काफी खूबसूरत लगीं, जिसके बाद से उन्होंने अपनी हर फिल्म में हिरोइन को सफेद साड़ी में पर्दे पर दिखाया।

खो गई फिल्म की स्टारकास्ट

उन दिनों राज कपूर की फिल्मों का हिस्सा होना गर्व की बात मानी जाती थी। उन्होंने इंडस्ट्री को कई सुपरस्टार भी दिए और साथ ही कई स्टार्स की डूबती नैया को भी पार लगाया है, जिसमें सबसे पहला नाम आता है उनके बेटे राजीव कपूर का। फिल्म तो हिट रही लेकिन इसकी स्टारकास्ट फ्लॉप साबित हुई। 

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25 जुलाई 1985 में रिलीज हुई फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' में राजीव के अपोजिट मंदाकिनी थीं, हालांकि वह उसी साल फिल्म 'मेरा साथी' और 'आर पार' में नजर आईं थी, लेकिन मंदाकिनी को हमेशा राज कपूर की खोज माना जाता है। इन दोनों के अलावा फिल्म में एक और खूबसूरत एक्ट्रेस थी दिव्या राणा। यहां दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों का फिल्मों करियर आगे नहीं बढ़ पाया। 

 

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राजीव कपूर ने फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' से बॉलीवुड में पहचान तो बना ली पर 14 फिल्में कर वे भी इंडस्ट्री की चकाचौंध से दूर हो गए।  इस फिल्म की हाईलाईट रही थी मंदाकिनी महज 22 साल की उम्र में मंदाकिनी ने पर्दे पर बोल्ड सीन कर सबको हैरान कर दिया था। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमिनेशन भी मिला पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से अफेयर के चलते उनका करियर भी तबाह हो गया। 

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