चुनाव: कहीं झुर्रियों वाले चेहरे से तो कहीं घूंघट के पीछे से मुस्कुराया लोकतंत्र

  • Updated on 12/7/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लोकतंत्र का पर्व कहे जाने वाले चुनाव के महत्वपूर्ण पड़ाव मतदान के दिन राजस्थान के मतदाताओं ने खूब जोश दिखाया। स्मार्ट सिटी बनते जयपुर से लेकर ऐतिहासिक शहर जोधपुर और राज्य के दूरदराज के गांव चक और ढाणियों में इस उत्सव के रंग दिखे। जहां युवाओं में सेल्फी और सोशल मीडिया का क्रेज रहा तो बड़े बुजुर्गों ने लोकतंत्र और देश दुनिया की बातें करते हुए मतदान किया।

जोधपुर के सरदारपुरा में 96 साल की वृद्धा रमा देवी अपने परिवार वालों की मदद से वोट डालने आई। वहां खड़े एक पत्रकार ने पूछ लिया इतनी अधिक उम्र व झुकी कमर के बावजूद वोट डालने का कष्ट क्यों किया? इस पर उस बुजुर्ग महिला ने झुर्रियों वाले चेहरे से मुस्कुराते हुए कहा, ‘देश में शांति रहनी चाहिए, खुशी रहनी चाहिए।‘ दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं अपने पारंपरिक परिधानों में घूंघट डाल मतदान करने आईं। मतदान को लेकर न केवल बड़े बुजुर्गों, युवाओं में उत्साह दिखा बल्कि बच्चे भी आगे रहे। लोग अपने बच्चों को भी मतदान केंद्रों पर लेकर आए ताकि वे लोकतंत्र की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के बारे में जान सकें।

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अनेक जगह पर बच्चे बच्चियां अपने दादा, नाना के साथ आए और मतदान को लेकर रोचक सवाल पूछते नजर आए। जयपुर में सांगानेर विधानसभा में एक मतदान केंद्र पर खड़े मोहन सिंह ने कहा,‘मैं अपने पोते पोतियों को लेकर आया हूं। वे छोटे हैं लेकिन मतदान प्रक्रिया को जानना उनके लिए अच्छा होगा।‘ बीकानेर संभाग में एक मतदान केंद्र को तो बकायदा गुब्बारों से सजाया गया था जिसका फोटो सोशल मीडिया पर खूब चला। राज्य में 20 लाख से अधिक युवा पहली बार मतदान की इस प्रक्रिया में शामिल हुए। बड़ी संख्या में युवा व्हाटसएप, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंचों पर चुनावी चर्चा करते दिखे। लोगों ने मतदान के बाद स्याही लगी अंगुली के साथ फोटो शेयर किए और बाकी लोगों को भी मतदान करने के लिए प्रेरित किया।

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मालवीय नगर में पहली बार मतदान करने आए उत्कर्ष अग्निहोत्री ने कहा, ‘युवाओं के लिए मुद्दा तो गुणवत्तापरक शिक्षा व रोजगार है।’उसने बताया कि उसकी पूरी मित्र मंडल मतदान कर रही है। लोकतंत्र का एक अन्य रंग धौलपुर में दिखने को मिला। राजाखेड़ा विधानसभा में छेमारकापुरा गांव के निवासियों ने गांव से रास्ते के मुद्दे को लेकर वोट नहीं करने का फैसला किया। गांव के गेंदालाल कुशवाहा ने कहा ,‘उम्मीदवार आते हैं वोट मांगने, जीत जाते हैं तो हमारी सड़क की मांग पर ध्यान नहीं देते। हमने मतदान के बहिष्कार का फैसला किया है।‘

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अरावली की पहाडिय़ों से लेकर थार के रेगिस्तान और सुदूर घग्गर नदी के तट तक फैले राजस्थान में मतदान सुबह आठ बजे शुरू हो गया और दिन चढऩे के साथ इसमें तेजी आई। पहले एक घंटे में जहां लगभग छह प्रतिशत मतदान हुआ था वहीं एक बजे तक यहां 41 प्रतिशत से अधिक मतदाता अपना वोट डाल चुके थे। क्षेत्रफल के हिसाब से देश के इस सबसे बड़े राज्य में 200 में से 199 सीटों पर मतदान हो रहा है। चार करोड़ से अधिक मतदाताओं के लिए 51 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

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