Monday, May 10, 2021
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गहलोत के बयान से विधायकों में नाराजगी! क्या बहुमत साबित कर पाएगी राजस्थान सरकार, एक नजर...

  • Updated on 8/13/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजस्थान का सियासी ड्रामा अब खत्म हो चुका है। इस पूरे प्रकरण के बाद पहली बार अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक दूसरे के सामने आए और दोनों ने हाथ मिलाया, लेकिन फिर भी दोनों के मन नहीं मिले। सचिन से मुलाकात के बाद अशोक गहलोत ने कहा कि हम 19 विधायकों के समर्थन के बिना भी बहुमत साबित कर देते।

सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच चला विवाद काफी लंबा रहा लेकिन अच्छी बात ये रही कि दोनों के दखल दिए बिना ही ये विवाद खत्म हो गया। इस विवाद के खत्म होने के बाद आज दोनों नेताओं ने मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान सचिन पायलट गुट के सभी विधायक एक साथ नजर आए।

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गहलोत ने कर दिया ऐलान
विधानसभा सत्र से पहले हुई इस मुलाकात में अशोक गहलोत ने ऐलान कर दिया कि विधानसभा में कांग्रेस विश्वास प्रस्ताव खुद पेश करेगी। वहीँ, मुलाकात के बाद राजस्थान सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि जो बातें हुईं वो सभी भुला दें, हम इन 19 विधायकों के बिना भी बहुमत साबित कर देते।

अशोक गहलोत की इस बात से विधायकों में नाराजगी दिखाई दी, लेकिन तभी बात संभालते हुए अशोक गहलोत ने कहा, किसी भी विधायक को अगर कोई शिकायत है तो उसे दूर किया जाएगा। अभी चाहे अभी मिल ले, बाद में चाहे बाद में मिल ले।

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बीजेपी लाएगी अविश्वास प्रस्ताव
बीजेपी गहलोत सरकार को ज्यादा मौका नहीं देना चाहती थी इसलिए राजस्थान विधानसभा सत्र शुरू होने के पहले ही दिन यानी शुक्रवार को ही बीजेपी ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा कर दी। इसका फैसला गुरूवार बीजेपी बैठक में लिया गया जिसमें वसुंधरा राजे में भी शामिल रही थीं।

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गहलोत सरकार की तैयारी
वहीं, बीजेपी के अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा के साथ ही गहलोत सरकार ने अपने सभी विधायकों को एकजुट करना शुरू कर दिया है। इसी के चलते पार्टी ने भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह का पार्टी से निलंबन वापस ले लिया है। 

उधर, सचिन पायलट के लौट आने के बाद गहलोत गुट के कई विधायक नाराज हैं, जिनकी वजह से हाईकमान को टेंशन हो रही है। जबकि दूसरी तरफ बसपा विधायकों के विलय का भी मसला कोर्ट में है और ऐसे में गहलोत सरकार पायलट गुट को मनाएगी या अपने नाराज विधायकों को साथ रखने की कोशिश में लगेगी ये देखने वाली बात होगी।

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