Tuesday, Oct 04, 2022
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rajasthan: sadhu sets himself on fire in protest against mining mafia

राजस्थानः खनन माफिया के विरोध में साधु ने खुद को लगाई आग

  • Updated on 7/21/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजस्थान के डीग क्षेत्र में खनन पर रोक लगाने की मांग को लेकर चल रहे साधुओं के आंदोलन के दौरान एक साधु ने बुधवार को आत्मदाह का प्रयास किया। अधिकारियों के अनुसार, घायल साधु को गंभीर अवस्था में जयपुर भेजा गया है। चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा जयपुर के सवाईमान सिंह चिकित्सालय पहुंचे और झुलसे संत विजयदास के स्वास्थ्य की जानकारी ली। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने भी अस्पताल पहुंचकर संत विजय दास की कुशलक्षेम जानी।

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बुधवार को भरतपुर में साधु के आत्महत्या के प्रयास पर प्रदेश कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसके लिए पूरी तरह से राज्य की अशोक गहलोत नीत सरकार जिम्मेदार है।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘अवैध खनन को बंद कराने की साधु- संतों की मांग पर राज्य सरकार ने ध्यान नहीं दिया। एक संत के आत्मदाह का प्रयास इसी का परिणाम है।’ इससे पहले खो क्षेत्र के थानाधिकारी विनोद कुमार ने बुधवार को बताया कि धरनास्थल से दूर खड़े एक साधु विजय दत्त ने अचानक ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर खुद को आग लगा ली। उन्होंने कहा कि पुलिस वाले उसे बचाने दौड़े और आग बुझाकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से साधु को जयपुर रेफर किया गया।

भरतपुर मेडिकल कॉलेज की अधीक्षक डॉ जिज्ञासा साहनी ने बताया कि साधु को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि साधु करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। इस बीच, खनन रोकने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़े साधु नारायण दास बुधवार को नीचे उतर गए। थानाधिकारी ने बताया कि साधु नारायण दास इलाके में खनन पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर पिछले कुछ दिनों से डीग में धरना दे रहे थे, उनके साथ कुछ और संत भी धरने पर थे।

उन्होंने बताया कि साधु नारायण दास अपनी मांगों को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए मंगलवार सुबह मोबाइल टावर पर चढ़ गए थे। वहीं, इलाके में मोबाइल इंटरनेट पर रोक को बृहस्पतिवार तक बढ़ा दिया गया है। भरतपुर के संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा ने भरतपुर जिले के पहाड़ी, कामां, नगर और सीकरी तहसील में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बुधवार दोपहर 12 बजे तक निलंबित करने का आदेश मंगलवार दोपहर को जारी किया था।

उन्होंने बताया कि ताजा घटनाक्रम के बीच इस अवधि को एक दिन और बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और आंदोलनकारी साधुओं से बातचीत चल रही है।

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