Saturday, Jul 31, 2021
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Rajat Sharma DDCA Lokpal Supreme Council Resignation Cricket

लोकपाल ने नामंजूर किया रजत शर्मा का इस्तीफा

  • Updated on 11/19/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली (Delhi) एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के लोकपाल ने डी.डी.सी.ए. के अध्यक्ष रजत शर्मा (Rajat sharma) का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है और उन्हें अगली सुनवाई तक अपने पद पर बने रहने को कहा है। रजत शर्मा ने शनिवार को अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया था।

रजत शर्मा की पावर कम करना इस्तीफे का बना कारण

कार्यकाल के दौरान कई परेशानियों और विरोधों का सामना किया- शर्मा
पेशे से पत्रकार शर्मा ने अपने इस्तीफे में कहा था,‘‘मैंने अपने कार्यकाल के दौरान कई परेशानियों और विरोधों का सामना किया लेकिन फिर भी अपना कर्तव्य निभाने का पूरा प्रयास किया लेकिन मैं केवल एक लक्ष्य के साथ काम करता रहा कि सदस्यों से किए सभी वादों को पूरा किया जाए और खेल का विकास हमेशा से मेरे लिए सर्वाेपरि रहा लेकिन मुझे मजबूरन इस्तीफा देना पड़ रहा है।’’

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मामले में सुनवाई के लिए 27 नवम्बर की तारीख तय
उन्होंने अब डी.डी.सी.ए. के सदस्यों को लिखे पत्र में कहा,‘‘ कुछ सदस्यों ने माननीय लोकपाल से संपर्क किया था जिन्होंने 17 नवम्बर के अपने अंतरिम आदेश में मेरे इस्तीफे को फिलहाल रोक दिया है और मुझे पद पर बने रहने को कहा है। लोकपाल ने इस मामले में सुनवाई के लिए 27 नवम्बर की तारीख तय की है।’’

तत्काल प्रभाव से डी.डी.सी.ए. के अध्यक्ष का प्रभार संभाला
रजत शर्मा ने कहा,‘‘ लोकपाल के निर्देशों के तहत मैंने तत्काल प्रभाव से डी.डी.सी.ए. के अध्यक्ष का प्रभार संभाल लिया है और मैं सभी सदस्यों से अनुरोध करूंगा कि आप डी.डी.सी.ए. को ईमानदारी और पारदर्शी तरीके से चलाने में मेरा सहयोग करें। ताजा घटनाक्रमों के मद्देनजर मेरी सहमति के बिना सर्वाेच्च परिषद की बैठक नहीं बुलाई जा सकेगी। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि आप न तो सर्वाेच्च परिषद की बैठक बुलाएं और न ही ऐसी किसी बैठक में हिस्सा लें जिसे मेरी सहमति न हो।’’

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सर्वाेच्च परिषद की ऐसी कोई भी बैठक रद्द समझी जाए-लोकपाल
उन्होंने साथ ही कहा,‘‘ मुझे पता चला है कि सर्वाेच्च परिषद की बैठक के लिए एक नोटिस कुछ चुनिंदा सदस्यों को भेजा गया है कि यह बैठक 19 नवम्बर को शाम साढ़े 7 बजे आयोजित हो रही है जिसमें कुछ मुद्दों पर बात होनी है। लोकपाल के नए आदेश के तहत ऐसी किसी बैठक को बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। मैं तदानुसार निर्देश देता हूं कि सर्वाेच्च परिषद की ऐसी कोई भी बैठक रद्द समझी जाए।’’ 

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