Thursday, Sep 29, 2022
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राकेश अस्थाना को लेकर AAP मंत्री सत्येंद्र जैन बोले- हिम्मत है तो 'दामादजी' पर करें कार्रवाई

  • Updated on 7/29/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली विधानसभा ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से दिल्ली पुलिस का आयुक्त नियुक्त किये गये भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी राकेश अस्थाना की नियुक्ति तत्काल वापस लेने की अपील करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) विधायकों ने ‘ तार्किक आशंका’ प्रकट की कि उनका इस्तेमाल राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक विरोधियों के विरूद्ध ‘आतंक का माहौल’ पैदा करने के लिए किया जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस नियुक्ति को उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ बताया और कहा कि केंद्र सरकार को नियमों के अनुरूप नियुक्तियां करनी चाहिए। वहीं मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस मसले पर तंज भी कसा और इशारों में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भाजपा को चुनौती भी दी।  

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जैन ने कहा कि दामादजी के बारे में बातें तो करते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं करते हैं। बकौल मंत्री, अगर दामादजी के खिलाफ कार्रवाई की गई तो वो उलटा ही लटका देंगे। जैन ने चुनौती दी कि अगर जिस दिन दामादजी के खिलाफ कार्रवाई हो गई, उस दिन सरकार ही गिर जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों को खरीदने में भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत है। 

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उधर, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने अस्थाना को एक ईमानदार और प्रतिष्ठित आईपीएस अधिकारी बताते हुए कहा कि अस्थाना को उनके शानदार काम के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से भी नवाजा जा चुका है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि इस कदम की मंशा उसके नेताओं को परेशान करना है। दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन आप विधायक संजीव झा ने इस मुद्दे को उठाते हुए इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया। आप विधायक ने कहा कि राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्ति असंवैधानिक और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है। विधानसभा द्वारा पारित किये गये प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘ यह सदन राकेश अस्थाना को एक साल या अगले आदेश तक पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त करने के भारत सरकार के गृह मंत्रालय के 27 जुलाई, 2021 के आदेश पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराता है। ’’ 

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प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘इन अधिकारी के पिछले रिकार्ड को देखते हुए इस बात की ताॢकक आशंका है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक विरोधियों को झूठे मामलों में फंसायेगी और आतंक का माहौल पैदा करेगी। ’’ केजरीवाल ने संवाददताओं से कहा, ‘‘ मैं महसूस करता हूं कि राकेश अस्थाना की नियुक्ति उच्चतम न्यायालय के आदेश के विरूद्ध है। खबरों के अनुसार वह सीबीआई निदेशक नहीं बन सके थे क्योंकि वह इस पद के लिए अपात्र थे। उसी कारण से वह इस पद (दिल्ली पुलिस आयुक्त) के लिए भी पात्र नहीं है। ’’ 

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प्रस्ताव में दिल्ली सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह केंद्रीय गृह मंत्रालय को बताए कि राकेश अस्थाना की नियुक्ति तत्काल वापस ली जाए एवं नियमों एवं विनियमों के अनुसार दिल्ली के लिए पुलिस आयुक्त की नियुक्ति की नयी प्रक्रिया शुरू की जाए। सदन में झा ने प्रस्ताव में कहा कि गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी को पुलिस आयुक्त बनाकर दिल्ली पर थोपा जा रहा है, जिसे वह अस्वीकार करते हैं।  केन्द्र सरकार ने मंगलवार को अस्थाना को दिल्ली पुलिस का आयुक्त नियुक्त किया था। केन्द्र ने अस्थाना को सेवानिवृत्त होने से कुछ दिन पहले ही एक वर्ष का सेवा विस्तार देते हुए उन्हें पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है। 

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आप विधायक झा ने दिल्ली के बारे में अस्थाना की जानकारी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि गुजरात कैडर का कोई अधिकारी राजधानी में पुलिस व्यवस्था के बारे में क्या जानता होगा। अस्थाना 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और इससे पहले वह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक के पद पर तैनात थे। अस्थाना 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले थे। विधानसभा में इस मुद्दे पर बहस में भाग लेते हुए आप विधायक गुलाब सिंह, अखिलेश पति त्रिपाठी, सोमनाथ भारती और बी एस जून ने संजीव झा के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि अस्थाना को आम आदमी पार्टी (आप) और उसके नेताओं को परेशान करने के लिए दिल्ली लाया गया है। संजीव झा द्वारा लाये गये प्रस्ताव को ध्वनिमत से सदन में पारित कर दिया गया ।  

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