Thursday, Apr 15, 2021
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rakesh tikait said gujarat will soon go to gather support for the farmers protest pragnt

कृषि कानून के खिलाफ छिड़ी जंग में हार नहीं मानेंगे राकेश टिकैत, समर्थन मांगने जाएंगे गुजरात

  • Updated on 2/22/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्र सरकार (Central Government) के नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों का आंदोलन लंबा खिंचता चला जा रहा है। दिल्ली (Delhi) की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन को 89 दिन हो चुके हैं। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा कि वह केंद्र के विवादित कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के लिए समर्थन मांगने के वास्ते जल्द गुजरात (Gujarat) का दौरा करेंगे।

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टिकैट ने किया ये दावा
राकेश टिकैत ने यह टिप्पणी दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर गाजीपुर में गुजरात और महाराष्ट्र के एक समूह से मुलाकात के दौरान की। टिकैत गाजीपुर बॉर्डर पर नवंबर से डेरा डाले हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने दावा किया कि किसान अंततः अपनी कृषि उपज का कोई हिस्सा नहीं ले पाएंगे क्योंकि नए कानून केवल कॉरपोरेट का पक्ष लेंगे।

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दिया दूध का उदाहरण
उन्होंने एक उदाहरण बताते हुए कहा, 'गांव में दूध की कीमत करीब 20-22 रुपये प्रति लीटर होती है लेकिन जब यह बड़ी व्यापारिक कंपनियों के जरिए शहरों में पहुंचता है तो इसकी कीमत 50 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो जाती है।' बीकेयू की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक टिकैत ने कहा, 'बड़े व्यापारिक घराने खाद्यन्न का भंडारण करने के लिए बड़े-बड़े गोदाम बना रहे हैं और बाजार में (खाद्यन्न की) कमी होने पर वह इसे अपने पसंद की कीमत पर बेचेंगे।'

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करेंगे गुजरात का दौरा
टिकैत ने कहा, 'हम ऐसी स्थिति नहीं होने देंगे। हम सिर्फ इसे लेकर चिंतित हैं और हम यह नहीं होने देंगे कि इस देश की फसल को कॉरपोरेट नियंत्रित करे।' गुजरात के गांधीधाम से आए समूह ने टिकैत को 'चरखा' भेंट किया। उन्होंने कहा, 'गांधीजी ने ब्रिटिश को भारत से भगाने के लिए चरखा का इस्तेमाल किया। अब हम इस चरखे का इस्तेमाल करके कॉरपोरेट को भगाएंगे। हम जल्द ही गुजरात जाएंगे और नए कानूनों को रद्द करने के लिए किसानों के प्रदर्शन के वास्ते समर्थन जुटाएंगे।'

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आंदोलन में शामिल 20 से अधिक महिलाएं
इस बीच, हरियाणा के रोहतक जिले की 20 से अधिक महिलाएं गाजीपुर में आंदोलन में शामिल हुईं और आंदोलन को अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया। दिल्ली के सिंघू, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों को रद्द करे और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने के लिए कानून बनाए।

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