Sunday, Feb 28, 2021
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टिकैत ने किसानों से कहा- अपनी खड़ी फसल के बलिदान को तैयार रहिए

  • Updated on 2/18/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कृषि कानून निरस्त नहीं होने तक वापस घर नहीं जाने की बात दोहराते हुए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बृहस्पतिवार को कहा कि किसानों को इसके लिये अपनी खड़ी फसल के बलिदान के लिये तैयार रहना चाहिए। टिकैत ने कहा कि सरकार को इस मुगालते में नहीं रहना चाहिए कि कानूनों के खिलाफ आंदोलन खत्म हो जाएगा क्योंकि किसान अपनी फसल की कटाई के लिये घर चले जाएंगे। 

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हिसार के खड़क पूनिया गांव में एक 'महापंचायत’’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'आपको अपनी खड़ी फसल को आग ही क्यों न लगानी पड़े, आपको इसके लिये तैयार रहना चाहिए। सरकार को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि किसान घर लौट जाएंगे। हम अपनी फसल की कटाई भी करेंगे और उसके साथ ही अपना प्रदर्शन भी जारी रखेंगे।’’ उन्होंने कहा, तब तक कोई ‘घर वापसी’ नहीं होगी।’’ 

टिकैत ने किसानों से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संघों के अगले आह्वान के लिये तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा, 'अपने ट्रैक्टरों में ईंधन भरवाकर उनका मुंह दिल्ली की ओर करके रखो। आपके लिये किसी भी वक्त चलने का आह्वान किया जा सकता है, जिसका निर्धारण समिति (किसान संघों) द्वारा किया जाएगा।’’

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टिकैत ने कहा कि हरियाणा के बाद वे पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात समेत देश के अन्य हिस्सों में भी पंचायत करेंगे। टिकैत ने कहा कि पहले जहां दिल्ली में च्च्ट्रैक्टर रैली’’ के लिये आह्वान किया गया था वहीं अगली बार वे अपने कृषि उपकरणों के साथ राष्ट्रीय राजधानी जाएंगे।  

बुंदेलखंड़ में किसानों ने रेलमार्ग बाधित कर किया प्रदर्शन 
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, फतेहपुर के अलावा अमेठी जिले में बृहस्पतिवार को किसानों ने आंशिक रूप से रेलमार्ग बाधित कर नए कृषि क़ानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया। चित्रकूट के अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार, रेलमार्ग बाधित करने की कोशिश कर रहे करीब एक सौ किसानों को हिरासत में लिया गया है। बांदा के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) महेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि कुछ किसान अल्प समय के लिए रेल पटरी में बैठकर विरोध प्रदर्शन किये और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंप कर चले गए। 

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वहीं, बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने दावा किया, 'करीब डेढ़ सौ किसानों का एक समूह जिला मुख्यालय में दो घंटे तक रेलमार्ग बाधित कर प्रदर्शन किया और तीनों नए कृषि कानून वापस लेने की मांग की।' उन्होंने कहा, 'इस दौरान रेल पटरी खाली कराने को लेकर पुलिस और किसानों के बीच हल्की नोंक-झोंक भी हुई।' चित्रकूट जिले के अपर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार राय ने बताया, 'कृषि कानूनों के विरोध में रेलमार्ग बाधित करने की कोशिश कर रहे करीब एक सौ किसानों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में छोड़ा गया है। यहां किसान रेलमार्ग बाधित नहीं कर पाए।' 

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इसी प्रकार, महोबा के अपर पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार गौतम ने बताया कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की वजह से किसान किसी भी प्रकार का प्रदर्शन नहीं सके।  हमीरपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि मौदहा और सुमेरपुर कस्बे से रेल लाइन गुजरती है, यहां किसान रेल मार्ग बाधित नहीं कर पाए। हमीरपुर में कांग्रेस की जिलाध्यक्ष नीलम निषाद ने बताया कि कृषि कानूनों और डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती महंगाई के खिलाफ करीब डेढ़ सौ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय में गांधी पार्क से लेकर बस स्टैंड तक विरोध प्रदर्शन किया। 

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ललितपुर जिले में पाली क्षेत्र के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि ललितपुर जिले में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के किसान नेता रंजीत यादव की अगुआई में कुछ किसान धौर्रा गांव में रेल पटरी के पास किसान पंचायत का आयोजन किया और कुछ देर के लिए रेल पटरी पर धरने पर भी बैठे थे। फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सतपाल अंतिल ने बताया कि जिले में मलवां रेलवे क्रासिंग और कल्यानपुर के कंसपुर रेलवे क्रासिंग के समीप किसानों ने बैठक कर के ज्ञापन दिया है। उन्होंने बताया कि जिले में शांतिपूर्ण ढंग से किसानों ने अपना विरोध दर्ज कराया है। 

 

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