Friday, Jan 18, 2019

जानें, राम रहीम से जुड़ी उस चिट्ठी का राज जिसे छापने पर पत्रकार छत्रपति को मिली मौत

  • Updated on 1/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। रेप केस में जेल में सजा काट रहे राम रहीम को आज पत्रकार की हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट में फैसला आएगा। इस मामले में गुरमीत राम रहीम आरोपी है। आज पंचकूला में धारा 144 लागू कर दी गई है साथ ही पंचकूला में हाई अलर्ट है। 

गौरतलब है कि पत्रकार राम चंद्र छत्रपति वही पत्रकार थे जिन्होंने राम रहीम का सच पूरी दुनिया के सामने सबसे पहले रखा था। उन्होंने ही अपने अखबार पूरा सच में सिरसा में हुए दो साध्वियों के साथ रेप की खबर छापी थी। इसके बाद से ही राम रहीम के लोग राम चंद्र छत्रपति को आए दिन धमकी देते थे। इसके बाद भी उनके हौंसलों में जरा सी भी कमी नहीं आई इसके बाद भी वो राम रहीम के खिलाफ अपने अखबार में लिखते रहे। 

2002 में घर के बाहर की पत्रकार छत्रपति को गोलियों से भून डाला  

अक्टूबर 24,2002 में पत्रकार छत्रपति पर घर के बाहर कुछ आजात लोगों ने उनपर हमला किया और उन्हें गोलियों से भून हत्या कर दी। उनका बेटा अंशुल न्याय के लिए जगह-जगह भटकता रहा आखिरकार आज इस मामले में कोर्ट फैसला सुनाएगा।

आखिर ऐसा क्या लिखा था अखबार 'पूरा सच' में

साध्वी के साथ हुए रेप की घटना कई दिनों तक किसी के सामने नहीं आई। एक गुमनाम चिट्ठी से इस घटना के बारे में खुलासा हुआ वो गुमनाम चिट्ठी पत्रकार छत्रपति ने अपने अखबार में छाप दी, उन्होंने उस चिट्ठी को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, चीफ जस्टिस पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट समेत कई संस्थानों में भेजी गई। 

ये चिट्ठी पूरे तीन पेज की थी। कुछ दिनों बाद ही पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट  ने एसे संज्ञान में लिया और सिरसा के डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज को इसकी जांच कराने का आदेश दिया। इसके बाद ही सीबीआई जज ने यह जांच सीबीआई को सौंपी।

इसके बाद दिसंबप 12, 2002 में सीबीआई की चंड़ीगढ़ यूनिट ने इस मामले में धारा 376, 506 और 509 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की। इसके बाद इस मामले में राम रहीम को जेल भी हुई। 

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