Wednesday, Apr 01, 2020
ram mandir temple mahant nritya gopal das government

राम मंदिर निर्माण पर नृत्यगोपाल दास का बड़ा खुलासा, कहा- सरकार से नहीं लेंगे एक भी पैसा

  • Updated on 2/22/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राम रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि राम मंदिर के भव्य निर्माण के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्री को आमंत्रित होंगे, इसके साथ ही हम निर्माण के लिए सरकार से कोई भी धन नहीं लेने का फैसला लिया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रबंध महंत नृत्य गोपाल दास (Mahant Nritya Gopal Das) समेत ट्रस्ट के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से यहां उनके आवास पर मुलाकात की थी और उन्हें अयोध्या (Ayodhya) आने का निमंत्रण दिया था। 

'15 करोड़ Vs 100 करोड़' बयान देने पर Aimim वारिस पठान के खिलाफ FIR दर्ज

SBI में खुलेगा न्यास का बैंक खाता
न्यास की दिल्ली (Delhi) में बुधवार को हुई बैठक में महंत नृत्य गोपाल दास को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का 'अध्यक्ष प्रबंध', विहिप के चंपत राय को महासचिव एवं पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह नृपेन्द्र मिश्रा को भवन निर्माण समिति का चेयरमैन बनाया गया है। स्वामी गोविंददेव गिरि जी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। अयोध्या में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में न्यास का बैंक खाता खोलने का निर्णय किया गया है।

यात्रा से पहले ट्रंप की शिकायत- सबसे ज्यादा व्यापार शुल्क लगाने वाले देशों में से एक भारत

लोकसभा में PM मोदी ने किया था ट्रस्ट का जिक्र
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में उच्चतम न्यायालय के पिछले साल 9 नवंबर को दिए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद नरेन्द्र मोदी सरकार ने इस 15 सदस्यीय ट्रस्ट का गठन किया था। फैसले में विवादास्पद स्थल पर मंदिर के निर्माण की अनुमति दी गई थी। हिंदुओं का मानना है कि इसी स्थल पर भगवान राम का जन्म हुआ था। ट्रस्ट के गठन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा (Lok Sabha) में की थी।

PM मोदी से मिलने के बाद बोले उद्धव ठाकरे- CAA से डरने की जरूरत नहीं

ट्रस्ट का मुख्यालय भी अयोध्या में ही बनेगा
श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का मुख्यालय दिल्ली के ग्रेटर कैलाश के पते पर है, लेकिन आने वाले दिनों में अयोध्या धाम में ही न्यास का स्थाई मुख्यालय अथवा स्थाई कार्यालय बनेगा। साथ ही स्टेट बैंक के अयोध्या ब्रांच में खाते के साथ लॉकर भी लिया जाएगा। जिसमें फंड के अलावा रामलला व मंदिर से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेजों व कीमती आभूषणों को भी रखा जा सकता है। 

निर्भया मामला: झूठा साबित हुआ विनय, मानसिक रूप से बीमार होने का दावा फेल

निर्माण के दौरान दूसरी जगह रहेंगे रामलला
मंदिर निर्माण से पहले निर्माण समिति जल्द ही अधिग्रहित भूमि का निरीक्षण करेगी। माना जा रहा है कि मंदिर निर्माण के दौरान रामलला दूसरी जगह विराजेंगे। फिर जमीन को समतल करने का काम होगा। चूंकि संत समाज का मानना है कि मंदिर बेहद भव्य बने, इसके लिए निर्धारित 67 एकड़ भूमि कम पड़ सकती है।

comments

.
.
.
.
.