Wednesday, Jun 29, 2022
-->
ram-vilas-paswan-death-bihar-assembly-election-2020-sohsnt

राम विलास पासवान की मृत्यु बिहार चुनाव पर छोड़ सकती है गहरा असर, पढ़े पूरी खबर

  • Updated on 10/9/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल।  देश के प्रमुख दलित नेताओं में से एक केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान का बीते बृहस्पतिवार को निधन हो गया। लोजपा के संस्थापक और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पासवान कई सप्ताह से दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। यहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

बिहार चुनाव 2020: माधेपुरा में चरित्र प्रमाण पत्र लेने पहुंचे RJD नेता हुए गिरफ्तार, अपहरण का है आरो

चिराग पासवान ने ट्वीट कर लिखा
चिराग पासवान ने ट्वीट कर लिखा, 'पापा, अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं। मिस यू पापा।' समाजवादी आंदोलन के स्तंभों में से एक पासवास बाद के दिनों में बिहार के प्रमुख दलित नेता के रूप में ऊभरे और जल्दी ही राष्ट्रीय राजनीति में अपनी विशेष जगह बना ली। 1990 के दशक में दलितों से जुड़े मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने में पासवान की अहम भूमिका रही।

हाथरस दुष्कर्म कांड के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की महिला शाखा ने निकाली रैली 

नाजुक स्थिति में अकेले पड़े चिराग
लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग के पिता की मृत्यु ने उन्हें एक नाजुक स्थिति में अकेला छोड़ दिया है। इससे पहले तक चिराग पिता की बीमारी और पार्टी की जिम्मेदारियों से अकेले ही लड़ रहे थे। एक तरफ जहां बिहार चुनाव को लेकर राजनीतिक उठापटक तेज हो गई है। ऐसे में रामविलास पासवान का चले जाना बिहार की राजनीति में मानो एक विराम सा लगा दिया है।

मंजू वर्मा की उम्मीदवारी वापस ली जाए या JDU से गठबंधन खत्म करे BJP : कांग्रेस 

बिहार चुनाव में चिराग के हर फैसले साथ थे रामविलास
रामविलास पासवान ने इससे पहले ट्वीट कर कहा था कि वह अपने बेटे चिराग पासवान के बिहार में होने वाले किसी भी फैसले के साथ खड़े होंगे। यह लोजपा के संरक्षक का एक मजबूत संकेत था जिसने इन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया था कि क्या वह अपने बेटे चिराग के नीतीश कुमार के खिलाफ आक्रामक तेवर को लेकर असहज थे।

बिहार चुनाव के लिए साथ आए कुशवाहा-ओवैसी ने किया नए फ्रंट का ऐलान, उम्मीदवारों की लिस्ट जारी

चिराग का एनडीए से बाहर जाना हो सकता है बड़ा फैसला 
दरअसल, बिहार में 28 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए वोटिंग होनी है। ऐसे में रामविलास पासवान का असमय चले जाना निश्चित ही बिहार चुनावों पर गहरा असर छोड़ सकता है। पासवान की मृत्यु का बिहार के हर राजनीतिक कदम पर असर गंभीर असर पड़ेगा। हालांकि, भाजपा ने अब तक चिराग को उतनी छूट नहीं दी थी जितनी वो चाहते थे बिहार चुनाव में चिराग का एनडीए से बाहर चले जाना अपने आप में एक बड़ा फैसला साबित हो सकता है।

comments

.
.
.
.
.