Monday, Jan 30, 2023
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दुनियाभर में 23 अप्रैल से शुरू होगा रमजान महीना, भारत में रमजान के लिए जारी की गई गाइडलाइन

  • Updated on 4/21/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत में कोरोना संकट के बीच दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के तबलीगी जमात के कोरोना संक्रमित होने से पूरे देश में मुस्लिम समुदाय के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का मानना है कि अगर तबलीगी जमात के लोग कोरोना संक्रमित नहीं पाए जाते तो शायद भारत में कोरोना पर काबू पा लिया गया होता।

इस बीच कई ऐसे घटनाएं भी समाने आई जिसमें लोगों का गुस्सा तो दिखा ही साथ ही जमातियों द्वारा इलाज न कराने, स्वास्थ्यकर्मीयों के साथ बदसलूकी करने जैसी हरकतों ने लोगों में जमातियों के प्रति नाराजगी को और बढ़ा दिया।

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नहीं लेना चाहते कोई रिस्क
लेकिन अब जब रमजान का महीना शुरू होने को है तो भारत सरकार इस बीच कोई रिस्क नहीं लेना चाहती इसलिए भारत में 23 अप्रैल से शुरू होने वाले रमजान माह में मुस्लिम समुदाय के लिए खास गाइडलाइन जारी की गई हैं।

रमजान के बाद ईद मनाई जाएगी, जिसमें लोग हर्ष और प्रेम जताने के लिए एक दूसरे के गले लगते हैं, इस दौरान कोरोना का संकट बढ़ने के आसार हो सकते हैं इसलिए सरकार ने इस गाइडलाइन को मानने के लिए लोगों से अपील की है।

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बंद हैं मस्जिदें
लॉकडाउन के चलते देशभर में सभी मस्जिदें बंद हैं। दुनिया की सबसे पवित्र कही जाने वाली मक्का मस्जिद भी इन दिनों बंद की गई है। कोरोना संकट को देखते हुए सऊदी अरब की सबसे शीर्ष धार्मिक परिषद ने दुनिया भर के मुसलमानों से अपील की है कि सभी रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान मस्जिदों में जाकर नमाज़ न पढ़ें। साथ ही वरिष्ठ विद्वानों के परिषद ने लोगों को सभाओं में जाने से भी मना किया है।

वहीँ, भारत के भी बड़े जिम्मेदार मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रमजान महीने में मस्जिद न जाने की सलाह दी है और कहा है कि घर पर ही नमाज पढ़ें। इस बीच भारत के वरिष्ठ मौलवियों द्वारा भारतीय मुसलमानों के लिए कुछ गाइडलाइंस जारी की गई हैं...

- लॉकडाउन का पालन करते हुए सभी अपने घरों में नमाज़ पढ़ें
-लॉकडाउन में मस्जिदों से अजान के लिए लाउडस्पीकर भी बंद कर दें।
- रात में पढ़ी जाने वाली नमाज़ और तरावीह (रोज़ा खोलने के बाद की एक अहम नमाज़) भी घरों में ही पढ़ें
- कोई भी मस्जिदों में इफ़्तार पार्टी का आयोजन न करने की पहल न करें
- सबसे जरूरी, कोई भी रमज़ान की ख़रीदारी के लिए घरों से बाहर न निकले और लॉकडाउन का पालन करें।

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लॉकडाउन में गाइडलाइन क्यों?
दरअसल, इस माह में मस्जिदें आबाद रहती हैं। लोग भीड़ में रहते हैं। गले मिलते हैं। त्यौहार मनाते हैं। लेकिन कोरोना के बीच यह सब मुमकिन नहीं है। इसी कारण देश में लॉकडाउन जारी है। लेकिन लोग पहले ही काफी लापरवाही दिखा चुके हैं। इस तरह की लापरवाही फिर न दोहराई जाए इसके लिए लॉकडाउन के बीच गाइडलाइन जारी की गई है।

इसके साथ ही भारत के मुसलमान और मौलवियों ने गाइडलाइन जारी कर इस बात को निश्चित करना चाहते हैं कि सभी मुसलमान लॉकडाउन का पालन करेंगे।

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें

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